पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने 3000 एएनएम के रिजल्ट को लेकर सरकार को फटकार लगाई और बेहद सख्त निर्देश दिए हैं। पंजाब के 11 नर्सिंग ट्रेनिंग शिक्षण संस्थानों समेत अनेक छोटे-बड़े शैक्षिक संस्थानों से जुड़े एएनएम के करीब 3000 विद्यार्थियों के प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष के स्थगित रिजल्ट का मामला है। इसे लेकर अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार अगले तीन महीने में अपनी जांच का काम पूरा करे। ऐसा न करने पर हाईकोर्ट विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित करने का आदेश दे देगा।
इसके साथ ही जस्टिस राज मोहन सिंह की वेकेशन बेंच ने केस का निपटारा कर दिया है। वीरवार को केस की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से जांच पूरी न होने का हवाला दिया गया। साथ ही नवंबर माह तक का समय की मांग की गई। सरकार की ओर से मामले पर हर बार सुनवाई के दौरान समय की मांग करने पर जस्टिस राज मोहन सिंह ने पहले तो समय बढ़ाने से साफ इंकार कर दिया और जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।
सरकारी वकील की तरफ से असमर्थता जताए जाने पर जस्टिस राज मोहन सिंह ने साफ किया कि वे केवल तीन महीने का और समय देंगे। अगर सरकार की ओर से जांच पूरी कर रिपोर्ट नहीं सौंपी गई तो एएनएम विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तीन महीने के बाद सरकार को कोई भी मोहलत नहीं दी जाएगी। हालांकि इस पर याची के वकील बेअंत सिंह सीमर द्वारा आपत्ति जताते हुए परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे एएनएम विद्यार्थियों का हवाला भी दिया गया।
उल्लेखनीय है कि यह विवाद एएनएम कोर्स के लिए साल 2013-14 के सत्र के लिए हुए दाखिले से उत्पन्न हुआ है। दाखिले की अंतिम तिथि 30 सितंबर, 2013 थी, जिसे पंजाब नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल (पीएनआरसी) ने अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2013 कर दिया। इसके बाद इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) ने कुछ दिशानिर्देशों के साथ इस तिथि को 31 जनवरी, 2014 तक बढ़ा दिया। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई, जब पीएनआरसी से 31 दिसंबर, 2013 के बाद लिए गए दाखिला फार्म अस्वीकार कर दिए गए।