पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि रिटायरमेंट लाभ देने में हुई देरी की स्थिति में नियोक्ता को यह राशि ब्याज के साथ देनी होगी। इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता सभी रिटायर कर्मियों की याचिका मंजूर करते हुए पेप्सु को 6 माह के भीतर रिटायरमेंट लाभ 9 प्रतिशत ब्याज के साथ देने के आदेश दिए। मामले में हरि राम व अन्य ने एडवोकेट विकास चतरथ के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए कहा कि वे पेप्सु पटियाला से रिटायर्ड हैं।
कुछ के रिटयारमेंट लाभ तो जारी कर दिए गए परंतु ब्याज नहीं दिया गया। वहीं कुछ की पेमेंट अभी तक लंबित है। हाईकोर्ट ने पेप्सु से जवाब मांगा तो उन्होंने घाटा और फंड न होने की बात कही। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि घाटे को हथियार बनाकर कर्मियों के लाभ नहीं रोके जा सकतेे। अपने जीवन के 2 से 3 दशक सेवाकाल में बिताने वाले व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं किया जा सकता। कर्मियों के लाभ जारी करने में बहुत देरी की गई है और ऐसे में वे ब्याज के हकदार हैं।
हरियाणा की पॉलिसी में है ब्याज का प्रावधान
हाईकोर्ट ने कहा कि हरियाणा ने अपनी पॉलिसी में ही यह प्रावधान किया है कि पेंशन लाभ जारी करने में जो भी देरी होगी, उसके लिए कर्मी ब्याज का हकदार होगा और ब्याज अवधि रिटायरमेंट के 3 माह बाद से आरंभ होगी। हाईकोर्ट ने इसके साथ ही इन सभी कर्मियों की याचिका को मंजूर करते हुए छह माह के भीतर सभी को ब्याज सहित भुगतान के आदेश दिए हैं।