हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूछा है कि वह कैसे एक व्यक्ति को कई आवेदन करने की अनुमति देता है। कोर्ट ने अब एचपीएससी से उन सभी भर्तियों से संबंधित जानकारी मांगी है, जहां उन्होंने एक से अधिक पद के लिए आवेदन की अनुमति दी है। हाईकोर्ट ने कहा ऐसे तो एक ही आवेदक को कई रोल नंबर जारी होंगे।
जस्टिस महेश ग्रोवर और महाबीर सिंह सिंधु की डिवीजन बेंच ने कहा कि ये सब कुछ क्या मजाक है कि उम्मीदवारों को एक ही पद की परीक्षा के लिए कई रोल नंबर आवंटित किए जा रहे हैं। खंडपीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा आयोजित परीक्षाओं में भी उन्होंने उम्मीदवार को कई रोल नंबर जारी नहीं किए हैं। हमारे पास कोई सुपर कंप्यूटर नहीं है। सिस्टम को सरल होना चाहिए।
यह आदेश असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आयोजित लिखित परीक्षा के दौरान एक आवेदक द्वारा पेपर व्हाट्स एप पर भेजने पर परीक्षा को रद्द करने की अपील पर सुनवाई के दौरान जारी किए हैं। एचपीएससी ने परीक्षा में किसी भी प्रकार की खामी से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ता के वकील सुनील कुमार नेहरा ने तर्क दिया कि ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां एक ही उम्मीदवार ने कई आवेदन दायर किए थे और कई रोल नंबर जारी किए गए थे।
एचपीएससी ने इससे पहले उच्च न्यायालय के समक्ष कहा था कि ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जहां किसी भी आवेदक को कई आवेदन दाखिल करने से वंचित किया जा सकता हो, जब आवेदन ऑनलाइन किया गया हो।