मानव तस्करी के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी को बड़ी राहत देते हुए उन्हें सुनाई गई दो साल की सजा के आदेश को निलंबित कर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। दलेर इस समय पटियाला जेल में कैद हैं। साथ ही सजा के खिलाफ अपील को सुनवाई के लिए एडमिट कर लिया है।
मानव तस्करी के 19 साल पुराने मामले में पटियाला की ट्रायल कोर्ट ने दलेर मेहंदी को दोषी करार देते हुए 16 मार्च 2018 को दो साल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ दलेर मेहंदी ने पटियाला के एडिशनल सेशंस जज के समक्ष अपील दायर कर चुनौती दी थी। एडिशनल सेशंस जज ने अपील पर चार साल चली सुनवाई के बाद 14 जुलाई 2022 को दलेर मेहंदी की अपील को खारिज कर सजा को बरकरार रखने का आदेश दिया था।
जिला कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलेर मेहंदी ने हाईकोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर कर इसे चुनौती दी थी। याचिका में हाईकोर्ट में सुनवाई लंबित रहते उन्हें सुनाई गई सजा पर रोक लगाने की मांग भी की गई थी। गुरुवार को सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने दलेर मेहंदी को बड़ी राहत देते हुए सजा के खिलाफ उनकी अपील को एडमिट कर लिया है और उनका सजा को निलंबित करते हुए जमानत प्रदान कर दी है।
यह है मामला
दलेर मेहंदी और उनके भाई शमशेर सिंह पर आरोप लगाया गया था कि वे लोगों को अपनी मंडली में शामिल कर विदेश लेकर जाते थे। इसके लिए लोगों से मोटी रकम वसूली जाती थी। 2003 में पटियाला सदर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार मेहंदी बंधुओं ने 1998 और 1999 में दो मंडलियां बनाई थीं। इस दौरान 10 लोगों के समूह को अमेरिका ले जाया गया और अवैध रूप से वहीं छोड़ दिया गया। पहली शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिस को इसी तरह की 35 और शिकायतें मिलीं थीं।
टाइम लाइन
- 2003 में पटियाला जिले के गांव बलबेड़ा के बक्शीश सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि दलेर ने तीन लड़कियों समेत 10 लोगों को अमेरिका भेजा था लेकिन उससे पैसे ले लिए लेकिन न विदेश भेजा और न ही रकम लौटाई।
- इस मामले में दलेर मेहंदी से पहले बड़े भाई शमशेर सिंह पर 19 सितंबर 2003 को मानव तस्करी का मामला दर्ज हुआ
- शमशेर से पूछताछ के बाद पटियाला पुलिस ने दलेर को भी नामजद कर दिया
- 2006 में पंजाब पुलिस ने मेहंदी बंधुओं को निर्दोष करार देते हुए केस बंद करने की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने इन्कार कर दिया
- 15 साल बाद 16 मार्च 2018 में पटियाला की जुडीशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास निधि सैनी की अदालत ने मेहंदी को धोखाधड़ी और साजिश रचने का दोषी पाया था
- पटियाला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एचएस ग्रेवाल की अदालत ने 14 जुलाई 2022 को दलेर की अपील को खारिज कर दिया और उनकी दो साल की सजा को बरकरार रखा