Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के रिटायर शिक्षकों को लीव इनकैशमेंट का लाभ जारी करने के 23 जनवरी 2020 के आदेश का पालन न करना अधिकारियों को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी, चंडीगढ़ ऑडिट विभाग के सचिव व मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय के सचिव को तलब कर लिया है।
पीयू के रिटायर शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए लीव इनकैशमेंट का लाभ जारी करने के लिए निर्देश के लिए हाईकोर्ट से अपील की थी। याची पक्ष ने हाईकोर्ट को बताया था कि 2014 से लंबित इस लाभ को अभी तक जारी नहीं किया गया है। पीयू ने इस लाभ को जारी करने की जिम्मेदारी ऑडिट विभाग को सौंपी थी और ऑडिट विभाग ने इसे मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय को। इस सब के चलते शिक्षकों के इस लाभ को जारी करने का मामला लटक गया। 23 जनवरी 2020 को हाईकोर्ट ने शिक्षकों के हक में फैसला सुनाते हुए शिक्षकों को लीव इनकैशमेंट का लाभ जारी करने का आदेश दिया था।
अब शिक्षकों ने दोबारा याचिका दाखिल करते हुए प्रतिवादी पक्ष को न्यायालय की अवमानना के चलते दंडित करने की मांग की है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में आदेश का पालन करवाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा जाना जरूरी है कि क्यों न उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाए।
कोर्ट ने अब अगली सुनवाई पर पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी, चंडीगढ़ ऑडिट विभाग के सचिव व मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय के सचिव को हाजिर होकर यह बताने का आदेश दिया है कि आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ। हालांकि इससे पहले यदि लीव इनकैशमेंट का लाभ जारी कर दिया जाता है तो इन तीनों को निजी तौर पर कोर्ट में पेश रहने से छूट मिल जाएगी।