गलत पार्किंग करने पर सरकारी अफसरों की गाड़ियों के चालान न करने पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने जवाब मांगा और कड़ी टिप्पणी की। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान बताया गया कि वकीलों और आम लोगों की गाड़ियों की गलत पार्किंग पर तो टो व क्लैंपिंग की जाती है लेकिन सरकारी अधिकारियों की गाड़ियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए अगली सुनवाई पर इस बारे में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि साइकिल ट्रैक पर वाहन आने पर तो चालान किए जा रहे हैं लेकिन मुख्य मार्ग पर साइकिल चलाने वालों पर चालान का कोई प्रावधान नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने प्रशासक के सलाहकार से निवेदन किया कि वह यह विचार करें कि कैसे पॉलिसी या किसी अन्य माध्यम से यह प्रावधान बनाया जाए कि साइकिल ट्रैक छोड़कर मुख्य सड़क पर साइकिल चलाने वालों का चालान किया जा सके।
साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि शहर में तेज रफ्तार वाहनों के चलते लोगों की जान हमेशा खतरे में रहती है। दुनिया के विकसित देशों में हाई डेफिनेशन कैमरे के माध्यम से चालान का प्रावधान है तो हमारे देश में भी ऐसा किया जा सकता है। दुनिया भर में अर्थव्यवस्था के मामले में हमारा नंबर 6-7वां है, ऐसे में मुश्किल नहीं है कि शहर में जगह-जगह हाई डेफिनेशन कैमरे लगा इन्हें एक सर्वर से जोड़ा न जा सके और तेज गति के वाहनों के चालान ऑटोमैटिक तरीके से न काटे जा सकें। इन सभी मुद्दों पर यूटी प्रशासन और यूटी पुलिस को 6 दिसंबर तक हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करना होगा।