पंजाब यूनिवर्सिटी द्वारा अंतिम वर्ष के छात्रों की फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा लेने के निर्णय पर 13 अगस्त तक रोक जारी रहेगी। हाईकोर्ट ने पंजाब यूनिवर्सिटी को अन्य यूनिवर्सिटी की तर्ज पर पूर्व के सेमेस्टर के आधार पर छात्रों को अंक देने पर विचार करने के आदेश दिए हैं। याचिका दाखिल करते हुए जतिन मेहता वह अन्य की ओर से कहा गया कि कोरोना का खतरा बना हुआ है।
सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य उपायों के माध्यम से इस वायरस से बचने की सरकार लोगों से अपील कर रही है। इस बीच पंजाब यूनिवर्सिटी ने फाइनल ईयर के छात्रों की अंतिम सेमेस्टर परीक्षा लेने का निर्णय ले लिया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि इस प्रकार परीक्षा के आयोजन से वायरस फैलने की आशंका और अधिक बढ़ जाएगी।
याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा अनुपम बनाम दिल्ली यूनिवर्सिटी केक का हवाला देते हुए बताया कि उस केस में हाईकोर्ट ने कहा था कि यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन और मिनिस्ट्री द्वारा जारी दिशानिर्देश एक मत है कि यूनिवर्सिटी अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा लेने के लिए बाध्य नहीं है।
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की कि जुलाई में ली जाने वाली फाइनल ईयर के छात्रों के अंतिम सेमेस्टर परीक्षा को रद्द करने के आदेश दिया जाए। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद परीक्षा आयोजित करने के निर्णय वाली नोटिफिकेशन पर फिलहाल अंतरिम रोक लगाते हुए याचिका पर पंजाब यूनिवर्सिटी, यूजीसी व केंद्र को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया था।
अब हाईकोर्ट ने पंजाब यूनिवर्सिटी को अन्य यूनिवर्सिटी की तर्ज पर पूर्व के सेमेस्टर के आधार पर छात्रों को अंक देने पर विचार करने के आदेश देते हुए परीक्षा पर रोक जारी रखी है।