अर्द्ध सैनिक बल में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान मेडिकल बोर्ड द्वारा एक युवक पर ‘महिला जैसे शरीर’ वाली टिप्पणी की पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ी निंदा की है। हाईकोर्ट ने कहा कि जवान की ड्यूटी का मेडिकल बोर्ड की इस प्रकार की टिप्पणी से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है और याची अब ऑपरेशन करवाकर नॉर्मल हो गया है।
ऐसे में मेडिकल बोर्ड द्वारा की गई टिप्पणी निंदनीय है। जो बीमारी ठीक हो चुकी है, उसके आधार पर किसी को नौकरी से कैसे इनकार किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि मेडिकल बोर्ड ने याची का केस अस्वीकार करते हुए उसे नौकरी न दिए जाने का कोई ठोस कारण नहीं बताया। इसलिए हाईकोर्ट ने याची को असम राइफल में सैनिक के तौर पर नौकरी देने के आदेश जारी कर दिए।