पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चेन स्नेचिंग के आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते कहा कि यदि अपराधी प्रवृत्ति के लोगों पर नरमी बरती गई तो लोगों का न्यायपालिका से विश्वास उठ जाएगा। चंडीगढ़ में आए दिन चेन स्नेचिंग की बढ़ती घटनाओं पर हाईकोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि इन चेन स्नेचरों के खौफ के चलते लोग खासतौर पर महिलाएं और बच्चे शाम और देर रात को घरों से निकलने से डरने लगे हैं।
इनका खौफ इतना बढ़ चूका है कि अब लोग इनसे उलझने तक से डरते हैं, क्योंकि उलझने पर ये स्नेचर उन्हें भारी नुकसान तक पहुंचा देते हैं। ऐसे अपराधियों से सख्ती से निपटा जाना बेहद जरूरी है, तांकि आम लोगों में इनका डर कम किया जा सके। हाई कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे अपराधियों से अदालत नरमी बरतने लगे तो आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर से विश्वास कम होगा।
जमानत मिलने पर गवाहों को नुकसान या फरार हो सकता है आरोपी
बुड़ैल में जहां इस आरोपी ने अपने साथियों के साथ कुछ युवाओं से देर रात लूटपाट और स्नेचिंग की वारदात को अंजाम दिया था, उस इलाके में ऐसी वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आरोपी को घटना के पीड़ितों ने पहचान भी लिया है और इससे लूटपाट का सामान भी जब्त किया जा चूका है।
अब अगर इसे जमानत दी गई तो पूरी आशंका है कि वह फिर से अपराध के रास्ते पर चला जाएगा। वह गवाहों को नुकसान भी पहुंचा सकता है या फरार हो सकता है, ताकि केस का ट्रायल लटकाया जा सके। ऐसे आरोपी पर अदालत नरमी नहीं दिखा सकती है। आरोपी को उसके किए की सजा ट्रायल कोर्ट ही देगी, लेकिन फिलहाल उसे किसी भी सूरत में जमानत नहीं दी जा सकती।