वकील लंबे समय से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में फिजिकल हियरिंग की मांग कर रहे हैं लेकिन 26 जनवरी को जारी आदेश के बावजूद एक भी आपराधिक मामले में इसके लिए आवेदन नहीं किया गया। हाईकोर्ट द्वारा आधिकारिक रूप से दी गई जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलों की फिजिकल हियरिंग के लिए तीन बेंच का गठन किया गया है।
कोर्ट में फिजिकल हियरिंग के लिए अर्जी देने का प्रावधान किया गया है लेकिन अभी तक हाईकोर्ट को इसके लिए एक भी अर्जी प्राप्त नहीं हुई है। आपराधिक मामलों को छोड़कर अन्य मामलों में सुनवाई 26 फरवरी तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही होगी। हाईकोर्ट की ओर से बताया गया कि रोजाना 1500 मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जा रही है।
लॉकडाउन के बाद एक लाख मामलों की सुनवाई
खास बात यह है कि लॉकडाउन लगने के बाद हाईकोर्ट में करीब एक लाख मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें से 50000 मामलों का निपटारा कर दिया गया। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि हाईकोर्ट में लॉकडाउन से पूर्व की तरह सामान्य सुनवाई जल्द ही आरंभ कर दी जाएगी।
कोर्ट द्वारा यह जानकारी बार एसोसिएशन के उस निर्णय के बाद दी गई है, जिसमें कहा गया था कि अदालतों में फिजिकल हियरिंग शुरू न होने के विरोध में एक फरवरी को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की आम सभा बुलाई जाएगी और उस दिन कोई भी वकील सुनवाई में हिस्सा नहीं लेगा। जो वकील सुनवाई में हिस्सा लेगा उसके खिलाफ एसोसिएशन अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।