प्रेम विवाह करने वाले युवक का अपहरण कर उसे पीटने, गंजा करने, पेशाब पिलाने, कुकर्म और झूठे केस में फंसाने के मामले में कार्रवाई न होने को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है। सरकार को साथ ही यह भी बताना होगा कि अब इस मामले में क्या कार्रवाई करने की योजना है।
मेवात निवासी पीड़ित ने एडवोकेट फारुख अब्दुल्ला के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए बताया कि उसने प्रेम विवाह किया था और उसके बाद सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट से गुहार भी लगाई थी। याची को 2021 में हाईकोर्ट ने सुरक्षा मुहैया करवाने का आदेश दिया था। याची ने बताया कि 2 जुलाई 2022 को उसकी पत्नी का भाई व उसके साथी याची को अगवा कर अज्ञात स्थान पर ले गए थे। वहां पर याची को लाठी, डंडों, देसी कट्टे आदि से पीटा गया। इसके बाद उसके बाल उतार दिए और याची को पेशाब पीने को मजबूर किया गया। इसके बाद याची से अप्राकृतिक कार्य किया गया। इस दौरान की वीडियो याची की फेसबुक पर ही डाल दी गई।
इसके बाद याची के साले ने उस देसी कट्टे के साथ याची को राजस्थान में गिरफ्तार करवा दिया। इस दौरान परिवार वालों ने याची को ढूंढना शुरू किया तो पता चला कि याची राजस्थान की जेल में है। याची को जमानत मिली तो उसके बाद दोषियों पर कार्रवाई के लिए गुहार लगाई गई। पुलिस को शिकायत देने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। याची ने एसपी को मांगपत्र दिया लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।