लोगों को न्याय समय पर और गुणवत्ता पूर्ण तरीके से मिले, इसे सुनिश्चित करने केलिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी ने सभी जिला एवं सत्र न्यायधीशों को आदेश जारी किए हैं। साथ ही सभी जजों के प्रतिदिन काम की निगरानी के लिए काम का ब्योरा दर्ज कर ने के लिए एक फॉरमेट जारी किया है जो उन्हें रोजाना हाईकोर्ट भेजना होगा।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के जिला एवं सत्र न्यायधीशों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी और एरियर कमेटी के चेयरमैन जस्टिस राजेश बिंदल ने संवाद किया। इस दौरान चीफ जस्टिस ने सभी से कहा कि वे समय के पाबंद रहें और कोर्ट के समय में कोर्ट में मौजूदगी सुनिश्चित करें। इसके साथ ही यह भी कहा कि वे अपने जिले की कमान संभालें और सभी न्याय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी निगरानी रखें।
चीफ जस्टिस ने कहा कि छुट्टी तभी लें जब बहुत जरूरी हो और इसे अधिकार समझ कर न लें। इसके साथ ही जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को कहा गया कि वे अपने अधीन आने वाले अधिकारियों को विनम्र होने को कहें और यह सुनिश्चित किया जाए कि जो केस मौजूद हैं उनकी फिजिकल वेरिफिकेशन हो ताकि नेशनल जूडीशियल डाटा ग्रिड में सही जानकारी उपलब्ध करवाई जा सके।
सबसे अहम निर्णय यह रहा कि कोर्ट ने एक फॉरमेट जारी किया है, जिसमें कोर्ट में किए गए काम को भरकर रोजाना हाईकोर्ट को भेजना होगा। ऐसे में इन सभी न्याय अधिकारियों का काम सीधे तौर पर हाईकोर्ट की निगरानी में होगा। इसके साथ ही ट्रायल में होने वाली देरी को लेकर सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को प्रतिमाह डीसी व पुलिस कमिश्नर से मीटिंग कर विचार विमर्श के आदेश दिए हैं ताकि जांच अधिकारियों की गैर मौजूदगी के चलते मामलों की सुनवाई लटके नहीं।