पंचकूला निवासी सलामू ने खनन अधिकारियों पर हमले के मामले में दर्ज एफआईआर में जमानत की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी। अधिकारी ने पुलिस को बताया था कि उन्हें बुर्जकोटियां में अवैध खनन की शिकायत मिली थी। वे वहां पहुंचे तो पाया कि घग्गर नदी से जेसीबी के द्वारा बजरी निकालकर ट्रॉली और टिप्पर में लोड की जा रही थी।
सरकारी वाहन देखने के बाद लोग भागने लगे तो खनन अधिकारी ने जेसीबी का पीछा किया। इस दौरान एक काले रंग की महिंद्रा गाड़ी सामने आई और इसमें सलामू समेत आठ लोग मौजूद थे। इन सभी ने सरकारी वाहन पर पत्थरों से हमला कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि अवैध तरीके से खनिजों का खनन पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है जो पूरी मानव जाति को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे मामलों में आरोपी पर रहम नहीं किया जा सकता।