फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

High Court: अवैध खनन मानव जाति के प्रति बड़ा अपराध, इसका आरोपी रहम का हकदार नहीं, रद्द की अग्रिम जमानत याचिका

Thu, 29 Sep 2022 11:08 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

आरोपी की अग्रिम जमानत की मांग को लेकर दाखिल याचिका को सिरे से खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि अवैध तरीके से खनिजों का खनन पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है जो पूरी मानव जाति को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे मामलों में आरोपी पर रहम नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
punjab-haryana high court - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि अवैध खनन मानव जाति के प्रति बड़ा अपराध है और इसका आरोपी रहम का हकदार नहीं। इस टिप्पणी के साथ अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत की मांग को लेकर दाखिल याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। आरोपी पर अवैध खनन रोकने गए अधिकारियों पर हमला करने का भी आरोप है।

विज्ञापन

पंचकूला निवासी सलामू ने खनन अधिकारियों पर हमले के मामले में दर्ज एफआईआर में जमानत की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी। अधिकारी ने पुलिस को बताया था कि उन्हें बुर्जकोटियां में अवैध खनन की शिकायत मिली थी। वे वहां पहुंचे तो पाया कि घग्गर नदी से जेसीबी के द्वारा बजरी निकालकर ट्रॉली और टिप्पर में लोड की जा रही थी।
विज्ञापन

सरकारी वाहन देखने के बाद लोग भागने लगे तो खनन अधिकारी ने जेसीबी का पीछा किया। इस दौरान एक काले रंग की महिंद्रा गाड़ी सामने आई और इसमें सलामू समेत आठ लोग मौजूद थे। इन सभी ने सरकारी वाहन पर पत्थरों से हमला कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि अवैध तरीके से खनिजों का खनन पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है जो पूरी मानव जाति को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे मामलों में आरोपी पर रहम नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें