ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी की दलील देते हुए पैरोल की मांग करना पैरोल पर आए कैदी को भारी पड़ गया। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने ब्रेन ट्यूमर का झूठ सामने आने पर याची की पैरोल की अवधि बढ़ाने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने उसे जेल जाकर समर्पण करने का आदेश दिया है।
एनडीपीएस के मामले में सजा काट रहे संगरूर निवासी अमरजीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि वह नाभा जेल में बंद था। उसे अप्रैल में पैरोल मिली थी और उसकी दलील थी कि उसे ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी करवानी है, ऐसे में उसकी पैरोल की अवधि को बढ़ाने का आदेश दिया जाए। हाईकोर्ट ने इस बारे में जब रिपोर्ट तलब की तो पता चला कि याची को ब्रेन ट्यूमर की नहीं बल्कि आंखों की सर्जरी करवानी है।
हाईकोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट से यह पता चलता है कि याची आंखों की बीमारी से पीड़ित है, लेकिन उसने कोर्ट को झूठ बोला। इसलिए वह कोर्ट से किसी भी प्रकार की राहत का हकदार नहीं है। कोर्ट में झूठे तथ्य पेश करने के चलते हाईकोर्ट ने उसकी पैरोल बढ़ाने से जुड़ी मांग को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही कोर्ट ने याची को जेल जाकर समर्पण करने का आदेश दिया है।