पति से तलाक के बाद दूसरी शादी करने वाली महिला ने बच्ची की नानी के खिलाफ याचिका दाखिल करते हुए बेटी को छुड़ाने की हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। इस मामले में महिला के पति पर बच्ची से गलत काम करने का आरोप है। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर महिला को बेटी की कस्टडी देने से इनकार कर दिया।
याचिका दाखिल करते हुए लुधियाना निवासी महिला ने बताया था कि उसका पहले पति से तलाक हुआ था और उसने 2018 में दूसरा विवाह किया था। इसके बाद वह अपनी बेटी व उसके सौतेले पिता के साथ रहने लगी। बच्ची की नानी जब उससे मिली तो बच्ची ने बताया कि उसका सौतेला पिता उसके साथ गलत हरकत करता है। इस बारे में उसने अपनी मां को भी बताया था लेकिन वह खामोश रही। बच्ची की नानी ने इसके खिलाफ पुलिस को शिकायत दी और पुलिस ने इस पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। तब से बच्ची नानी की कस्टडी में थी।
यह भी पढ़ें: इनोवा में लुधियाना के युवकों के साथ था अमृतपाल, हाईवे के बजाय संपर्क मार्ग से जा रहा था अमृतसर
महिला ने अब हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि बच्ची अब याची की मां की अवैध हिरासत में है और उसे मुक्त करने के लिए वारंट ऑफिसर नियुक्त किया जाए। इसके बाद बच्ची व नानी को कोर्ट में पेश किया गया। नानी के वकील ने बताया कि सौतेले पिता की हरकतों की वजह से बच्ची सहमी हुई है। बच्ची अपनी मां और सौतेले पिता के घर सुरक्षित नहीं है। यदि उसे वहां भेजा गया तो उसका भविष्य अंधकार में झोंकने जैसा होगा। बच्ची की नानी सरकारी नौकर है और उसकी देखभाल में सक्षम है। बच्ची की मां ने कहा कि नाबालिग बच्ची को याची से अलग नहीं किया जा सकता। जज ने बच्ची से चैंबर में बात की और बच्ची ने मां के साथ जाने से मना किया। हाईकोर्ट कहा कि बच्ची से बात कर स्पष्ट है कि बच्ची का भविष्य उसकी मां के साथ सुरक्षित नहीं है। ऐसे में हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।