बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज के एमडी/एमएस/पीजी डिप्लोमा कोर्स में दाखिले के लिए स्टेट कोटे की सामान्य और शारीरिक अक्षम की सभी सीटों पर इंस्टीट्यूशनल प्रेफरेंस देने को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को 26 जून के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है, साथ ही पूछा है कि बताओ क्यों न इस पर रोक लगा दी जाए।
मोगा के डॉ शुभम मित्तल द्वारा एडवोकेट आईपीएस कोहली के जरिए दायर याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने पंजाब के मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग के सचिव को विशेष तौर पर हलफनामा दायर कर जवाब देने का निर्देश दिया कि वह बताएं की कैसे तय सिद्धांत का उल्लंघन कर स्टेट कोटे की सभी सामान्य और शारीरिक अक्षम वर्ग की सीटों पर इंस्टीट्यूशनल प्रेफरेंस के तहत दाखिले का नियम बनाया गया है।
इस मामले को लेकर दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया है कि बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने अपने से एफिलिएटेड सरकारी और निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एमडी/एमएस/पीजी डिप्लोमा कोर्स में दाखिले के लिए नियम बनाए हैं।