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Haryana: आईटीओ बैराज मामले में मुख्य अभियंता के निलंबन पर रोक, HC ने सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Thu, 24 Aug 2023 01:52 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया है कि उसके खिलाफ कार्रवाई केवल उसे परेशान करने के लिए की गई है क्योंकि उसने राज्य द्वारा पारित तीन जुलाई के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका दायर की थी, जिसके तहत उसे हिमाचल प्रदेश में बीबीएमबी सुंदर नगर में प्रतिनियुक्ति पर रखा गया था।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
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विस्तार
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आईटीओ बैराज के गेटों के समय पर न खुलने के लिए लापरवाह ठहराए गए सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता संदीप तनेजा को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके निलंबन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। 

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याचिका दाखिल करते हुए संदीप तनेजा ने हाईकोर्ट को बताया गया कि हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़ने के बाद लगातार यमुना का जलस्तर बढ़ रहा था। इसके बाद दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे। इस दौरान आईटीओ बैराज के गेट खोलने का प्रयास किया गया लेकिन यह खुल नहीं पा रहे थे। इस बैराज के संचालन का कार्य हरियाणा सिंचाई विभाग के पास था ऐसे में दिल्ली सरकार ने हरियाणा सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। 

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इसके बाद हरियाणा सरकार ने इस मामले में जांच आरंभ करवा दी थी। तनेजा ने अपनी याचिका में दावा किया कि इस मुद्दे पर गठित समिति ने तथ्यात्मक स्थिति पर विचार किए बिना और रिकॉर्ड और दस्तावेजी सबूतों को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जबकि यह रिकॉर्ड में है कि अंतर-राज्य और संपर्क प्रभाग दिल्ली की समीक्षा बैठक आठ दिसंबर 2021 और तीन मई 2023 को आयोजित की गई थी।

सरकार पर बदले की भावना से प्रेरित हो कार्रवाई करने का लगाया आरोप
याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया है कि उसके खिलाफ कार्रवाई केवल उसे परेशान करने के लिए की गई है क्योंकि उसने राज्य द्वारा पारित तीन जुलाई के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका दायर की थी, जिसके तहत उसे हिमाचल प्रदेश में बीबीएमबी सुंदर नगर में प्रतिनियुक्ति पर रखा गया था। उसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सात जुलाई को सरकार के आदेश पर रोक लगा दी थी। अब राज्य सरकार ने उसे पोस्टिंग की जगह से हटाने के लिए एक और अवैध तरीका अपनाया है और उन्हें निलंबित कर दिया है। याचिका में बताया गया कि सभी स्तर पर पता था कि बैराज के छह गेट में से चार गेट काम नहीं कर रहे हैं। उसने आईटीओ बैराज के गेटों के रखरखाव व मरम्मत के लिए जून माह में फंड जारी करने का आग्रह भी किया था लेकिन सभी तथ्यों को नजरअंदाज कर केवल उसे बलि का बकरा बनाकर उसके खिलाफ निलंबन आदेश जारी कर सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।
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राज्य सरकार ने दस्तावेजी सबूतों के साथ याचिकाकर्ता के जवाब को नजरअंदाज कर दिया है। यहां तक कि समिति द्वारा दर्ज किए गए निष्कर्षों और सिफारिशों में भी स्पष्ट रूप से पता चलता है कि पांच गेटों को न खोलने के संबंध में याचिकाकर्ता की कोई गलती या लापरवाही नहीं पाई गई है, लेकिन फिर भी समिति द्वारा एक अवलोकन के आधार पर पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण अपनाकर उसके खिलाफ कार्रवाई कर दी गई। इस मामले में सरकार ने याचिकाकर्ता के सौंपे गए जवाब को भी नजरअंदाज कर दिया।

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