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हाईकोर्ट ने पीजीआई कर्मचारी यूनियन और टेक्निकल स्टाफ की हड़ताल पर लगाई रोक, मांगा जवाब

Sat, 07 Mar 2020 11:02 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पीजीआई एंप्लाई यूनियन और ओटी टेक्निकल स्टाफ एसोसिएशन की 12 मार्च को सांकेतिक और 16 मार्च से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने दोनों यूनियन, केंद्र सरकार और यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
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चीफ जस्टिस रवि शंकर झा एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने यह आदेश पंचकूला के विजय बंसल द्वारा एडवोकेट विवेक शर्मा के जरिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि पीजीआई इंप्लाई यूनियन ने 6 मार्च को कैंडल मार्च, 12 मार्च दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल और 19 मार्च से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया है।

ओटी टेक्निकल स्टाफ एसोसिएशन ने 16 मार्च को दो घंटे की पेन डाउन और 7 अप्रैल को मास कैजुअल  लीव पर जाने का एलान किया है। याचिकाकर्ता ने बताया कि पीजीआई उत्तर भारत का सबसे बड़ा अस्पताल है, जहां न सिर्फ चंडीगढ़ बल्कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू कश्मीर जैसे दूरदराज के राज्यों से लोग अपना इलाज करवाने आते हैं।
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रोजाना 10 हजार लोग इलाज कराने आते हैं पीजीआई

पीजीआई में हर रोज औसतन 10 हजार लोग अपना इलाज करवाते हैं। प्रस्तावित हड़ताल के चलते यहां आने वाले मरीजों को इलाज में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। गत वर्ष अगस्त में भी जब पीजीआई की कुछ यूनियन ने हड़ताल का एलान किया था, तब भी याचिकाकर्ता ने इसी तरह की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

तब भी हाईकोर्ट ने हड़ताल पर रोक लगाते हुए सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। शुक्रवार को भी हाईकोर्ट ने फिलहाल हड़ताल को निलंबित करते हुए सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के डीजीपी और एसएसपी को आदेश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि इस हड़ताल से पीजीआई का कामकाज प्रभावित न हो।

 
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