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फरमानः हरियाणा ट्रिब्यूनल पर लिया स्वतः संज्ञान, अगले आदेश तक कर्मियों के मामले सुनेगी हाईकोर्ट

Sat, 03 Aug 2019 11:00 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की रिप्रजेंटेशन पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की फुल बेंच ने संज्ञान लेते हुए हरियाणा एडमिनस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (हैट) को लेकर बड़ा फरमान सुनाया। हाईकोर्ट ने प्रभावी बनाने का निर्णय टालने और अगले आदेश तक कर्मचारियों से जुड़े मामलों की हाईकोर्ट में ही सुनवाई के आदेश दिए हैं। खास बात यह है कि वकीलों की मुख्य मांग है कि हैट की नोटिफिकेशन वापस ली जाए। उसको लेकर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कोई दखल नहीं दिया है। हरियाणा एडमिनस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल गठित करने के विरोध में हाईकोर्ट के वकीलों ने 25 जुलाई से ही हाईकोर्ट में काम ठप रखा था।
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इस दौरान वकीलों ने हाईकोर्ट के गेट पर धरना दिया और किसी भी वकील या याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट में घुसने नहीं दिया। सरकार और वकीलों के बीच संवाद न होने के चलते विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा था। इसी बीच, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस को एक रिप्रजेंटेशन सौंपते हुए हैट मामले में प्रशासनिक व न्यायिक स्तर पर दखल देने की अपील की थी। चीफ जस्टिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के तौर पर सुनने के बाद तीन जजों की फुल बेंच गठित कर दी।

शुक्रवार को मामले की सुनवाई आरंभ हुई तो एडवोकेट जनरल बीआर महाजन, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन व असिस्टोंट सॉलिसिटर जनरल चेतन मित्तल को बुलाया। इन सभी की मौजूदगी में हाईकोर्ट को बताया गया कि अभी तक ट्रिब्यूनल के एडमिनस्ट्रेटिव मैंबरों की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके साथ ही प्रिंसीपल बेंच की सीट को भी नोटिफाई नहीं किया गया है। इसपर एडवोकेट जनरल ने यह तकनीकी कमियां मानी और कहा कि इसको सुधारने में समय लगेगा।
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हाईकोर्ट ने इस पर सरकार को अपना काम पूरा करने की छूट देते हुए फिलहाल हैट को प्रभावी बनाने का फैसला टालने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट की फुल बेंच ने आदेश दिए कि उसके अगले आदेश तक हाईकोर्ट में हरियाणा के कर्मचारियों से जुड़े मामलों की सुनवाई होती रहेगी।
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हड़ताल से एक हफ्ता कोर्ट की कार्यवाही हुई लकवाग्रस्त

हाईकोर्ट की कार्रवाई एक सप्ताह तक बाधित होने के बाद फुल बेंच ने इस पर सुनवाई कर आदेश तो जारी कर दिए , लेकिन आदेश में अदालती कार्यवाही प्रभावित होने को लेकर टिप्पणी भी की। चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस आरके जैन की फुल बेंच ने आपने आदेश में कहा कि वकीलों की हड़ताल के बाद बने हालात के चलते हाईकोर्ट की कार्यवाही एक सप्ताह के लिए लकवाग्रस्त हो गई थी।

हाईकोर्ट के संज्ञान लेने पर भी वर्क सस्पैंड रखने पर स्थिति स्पष्ट नहीं
हाईकोर्ट के कर्मचारियों के मामले फिलहाल हाईकोर्ट में सुने जाने के आदेश के बाद भी सोमवार को वहां काम सुचारु होने पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। बार एसोसिएशन ट्रिब्यूनल को वापस लेने की मांग पर अड़ा हुआ है और आगे की रणनीति के लिए सोमवार को सुबह जनरल हाऊस की बैठक बुलाई है।

निजी आरोप लगाने वालों को एजी की खरी-खरी
एडवोकेट जनरल बीआर महाजन के खिलाफ जनरल हाउस में टिप्पणियां किए जाने पर शुक्रवार को उन्होंने वकीलों के बीच पहुंचकर उन्हें खरी-खरी सुनाई। एजी ने कहा कि वह बार के सदस्य होने के साथ ही राज्य का प्रतिनिधित्व भी कर रहे हैं। ऐसे में उन पर निजी हमले करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में ट्रिब्यूनल बंद करवाने की मांग पर वह बार के साथ हैं लेकिन मांग केवल हरियाणा की होगी तो रुख अलग होगा। हालांकि इसके बाद एजी जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए।
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