हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की रिप्रजेंटेशन पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की फुल बेंच ने संज्ञान लेते हुए हरियाणा एडमिनस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (हैट) को लेकर बड़ा फरमान सुनाया। हाईकोर्ट ने प्रभावी बनाने का निर्णय टालने और अगले आदेश तक कर्मचारियों से जुड़े मामलों की हाईकोर्ट में ही सुनवाई के आदेश दिए हैं। खास बात यह है कि वकीलों की मुख्य मांग है कि हैट की नोटिफिकेशन वापस ली जाए। उसको लेकर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कोई दखल नहीं दिया है। हरियाणा एडमिनस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल गठित करने के विरोध में हाईकोर्ट के वकीलों ने 25 जुलाई से ही हाईकोर्ट में काम ठप रखा था।
इस दौरान वकीलों ने हाईकोर्ट के गेट पर धरना दिया और किसी भी वकील या याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट में घुसने नहीं दिया। सरकार और वकीलों के बीच संवाद न होने के चलते विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा था। इसी बीच, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस को एक रिप्रजेंटेशन सौंपते हुए हैट मामले में प्रशासनिक व न्यायिक स्तर पर दखल देने की अपील की थी। चीफ जस्टिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के तौर पर सुनने के बाद तीन जजों की फुल बेंच गठित कर दी।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई आरंभ हुई तो एडवोकेट जनरल बीआर महाजन, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन व असिस्टोंट सॉलिसिटर जनरल चेतन मित्तल को बुलाया। इन सभी की मौजूदगी में हाईकोर्ट को बताया गया कि अभी तक ट्रिब्यूनल के एडमिनस्ट्रेटिव मैंबरों की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके साथ ही प्रिंसीपल बेंच की सीट को भी नोटिफाई नहीं किया गया है। इसपर एडवोकेट जनरल ने यह तकनीकी कमियां मानी और कहा कि इसको सुधारने में समय लगेगा।
हाईकोर्ट ने इस पर सरकार को अपना काम पूरा करने की छूट देते हुए फिलहाल हैट को प्रभावी बनाने का फैसला टालने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट की फुल बेंच ने आदेश दिए कि उसके अगले आदेश तक हाईकोर्ट में हरियाणा के कर्मचारियों से जुड़े मामलों की सुनवाई होती रहेगी।