रेगुलर हुए कर्मियों को पेंशन व इंक्रीमेंट आदि की गणना के दौरान एडेड स्कूलों में दी गई सेवाओं को जोड़ने को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं। यह आदेश एक अवमानना याचिका पर दिए गए हैं जिसमें हाईकोर्ट के इस आदेश का पालन करवाने की अपील की गई थी। विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से एडवोकेट विकास चतरथ ने हाईकोर्ट को बताया कि एडेड स्कूल में दी गई सेवाओं को पेंशन व इंक्रीमेंट का आंकलन करते हुए जोड़े जाने की अपील करते हुए हाईकोर्ट में विभिन्न याचिकाएं दाखिल की गई थीं।
इन याचिकाओं को मंजूर करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने यह लाभ जारी करने के हरियाणा सरकार को आदेश दिए थे। आदेश के खिलाफ सरकार ने खंडपीठ के समक्ष अपील की थी जो खारिज हो गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार ने आदेश के खिलाफ अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था। बावजूद इसके कर्मियों को आदेश का लाभ नहीं दिया गया। इसके बाद यह अवमानना याचिका दाखिल की गई है।
हरियाणा सरकार ने याचिका पर कहा कि एक मामला अभी विचाराधीन है इसलिए लाभ जारी नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार को 30 जुलाई तक एडेड स्कूल में दी गई सेवाओं को पेंशन व अन्य लाभ के लिए सेवा का आंकलन करते हुए जोड़े जाने के निर्देश का पालन करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो अगली सुनवाई पर स्कूल एजुकेशन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास को हाईकोर्ट में खुद हाजिर होकर जवाब देना होगा।
साथ ही आदेश का पालन न करने पर मोटा जुर्माना लगाने पर भी कोर्ट विचार करेगा।