स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब स्कूलों की बसों में सीट बेल्ट अनिवार्य करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक कर हल निकालने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई होते ही हाईकोर्ट के समक्ष मुद्दा उठाया गया कि ऑटो में स्कूली बच्चों को थूंस-थूंस कर भरा जाता है।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि छोटे बच्चों की जिंदगी को इस तरह कैसे खतरे में डाला जा सकता है। हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए यह आदेश दिए कि पहली से पांचवीं तक के बच्चे किसी भी ऑटो में चार से अधिक लेकर नहीं जा सकते। यदि कोई ऐसा करता है तो एसएसपी उस पर कार्रवाई को सुनिश्चित करें।
इस दौरान कोर्ट ने कहा कि एंबुलेंस की तरह स्कूल बसों के प्रति विदेश में लोग बेहद संवेदनशील हैं। इसी तरह हमें भी होना चाहिए। कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस को आदेश दिए कि वह सुनिश्चित करें कि स्कूल बसों को भी एंबुलेंस की तरह प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि स्कूल बसों में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सीट बेल्ट बहुत जरूरी है।
इस पर प्रशासन ने कहा कि पुरानी बसों में इस तरह की फिटिंग मुश्किल होती है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी कोई मुश्किल नहीं आती है और जरूरत है तो केवल निर्णय लेने की। इसे अनिवार्य किया जाए फिर आगे स्कूलों का काम है कि वह कैसे इसका इंतजाम करते हैं। हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को आदेश दिए कि वह इन स्कूलों के प्रबंधकों के साथ बैठक कर उन्हें इसके लिए निर्देशित करें।