पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही उनकी सर्विस बुक में रेड एंट्री दर्ज की जाएगी। पंचकूला पुलिस कमिश्नर को हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद हाईकोर्ट में पेश नहीं होना महंगा पड़ा है। हाईकोर्ट ने हरियाणा के गृह सचिव को आदेश दे दिए हैं कि वे पंचकूला के पुलिस कमिश्नर की सर्विस बुक में इसे लाल स्याही से दर्ज करें और मामले की अगली सुनवाई पर इसकी जानकारी हाईकोर्ट को दें।
नारायणगढ़ शुगर मिल में फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये हुए करोड़ों के घोटाले के मामले में हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि दो वर्ष पहले राज्य विजिलेंस ब्यूरो को सौंपी गई जांच के बावजूद अब तक कुछ भी कार्यवाही क्यों नहीं की गई है। हाईकोर्ट ने अंबाला के डीसी और पंचकूला के पुलिस कमिश्नर को तलब कर जवाब मांगा था। लेकिन पंचकूला पुलिस कमिश्नर हाईकोर्ट में पेश नहीं हुए थे।
जस्टिस रामेन्द्र जैन ने उक्त आदेश नारायणगढ़ निवासी और भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के अध्यक्ष मदन पाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। मदन पाल ने पूरे मामले की जांच किसी अन्य निष्पक्ष एजेंसी से कराने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि नारायणगढ़ शुगर मिल में 100 करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ है, जिसमें दो बैंकों और शुगर मिल के अधिकारियों ने फर्जी किसानों के नाम पर 100 करोड़ से अधिक के केसीसी जारी किए।
याचिकाकर्ता ने बताया था कि इस मामले की शिकायत पहले सीएम विंडो पर की थी। इसकी जांच एसडीओ (सिविल) को दी गई थी। उन्होंने शिकायत को सही पाते हुए इस मामले की विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए थे। याचिकाकर्ता ने कहा कि दो वर्ष पहले राज्य विजिलेंस ब्यूरो को जांच सौंप दी गई थी, बावजूद इसके अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, ऐसे में इस मामले की जांच किसी अन्य निष्पक्ष जांच एजेंसी को सौंपे जाने की मांग हाईकोर्ट से की है।