मैनहोल, सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से सफाई कर्मियों की मौत पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। अदालत ने किसी भी सफाईकर्मी से इनकी सफाई करवाने पर रोक लगा दी है। साथ ही कहा है कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ तीन माह में इनकी सफाई अब आधुनिक तकनीक और मशीनों के जरिए ही करवाना सुनिश्चित करें।
हाईकोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए यूटी और दोनों राज्यों में मैनहोल, सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए दिए ठेके (कांट्रैक्ट) भी रद्द करने के आदेश दिए। इससे कर्मियों की रोजी प्रभावित न हो, इसके लिए तीन महीनों में इनके पुनर्वास के भी निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार इन कर्मियों को रिहायशी प्लाट और उस पर निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दे।
साथ ही परिवार के एक सदस्य को स्किल ट्रेनिंग और रियायती दरों पर लोन दिया जाए ताकि वह कोई अन्य वैकल्पिक रोजगार अपना सकें। साथ ही हाईकोर्ट ने सफाई के दौरान जान गंवाने वालों के परिवारों को 35 हजार रुपये मासिक पेंशन तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के आदेश दिए हैं।