पत्नी को गुजारा भत्ता देने से बचने के लिए अदालत में बिजली, पानी, पेट्रोल, बीमा, टीवी इंटरनेट तक का खर्च गिनाना भी पति के काम नहीं आया।
हाईकोर्ट ने कहा कि यही जरूरतें पत्नी की भी हो सकती हैं, ऐसे में पति भुगतान की जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता। पति धीरज कुमार की ओर से याचिका दाखिल करते हुए कहा गया था कि पटियाला की फैमिली कोर्ट ने पत्नी और बेटे को 3-3 हजार रुपये गुजारा भत्ता देने के आदेश जारी किए हैं, जो बहुत अधिक है।
याची का वेतन केवल 20,090 रुपये है जिसमें उसे राशन का 9000, बिजली का 2000, पेट्रोल का 2000, बीमा का 1200, टीवी का 300, मेाबाइल का 200, गैस का 700, पानी का 400, ईएमआई का 5300 तथा अपने अभिभावकों पर 1000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में वह 6 हजार रुपये का भुगतान कैसे कर सकता है।