फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला- एक को पैरोल मिल गई, उसी आधार पर हर किसी को नहीं मिल सकती

Fri, 28 Aug 2020 10:35 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया कि कोरोना महामारी के कारण यदि किसी को पैरोल दी गई है तो उसी आधार पर हर किसी को यह लाभ नहीं दिया जा सकता। उच्चतम न्यायालय के निर्देश का पालन करते हुए न्यायालय को हर मामले की गंभीरता को ध्यान में रखना जरूरी है। उच्च न्यायालय के जस्टिस एचएस मदान ने कैथल निवासी गगन द्वारा दायर एक याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।
विज्ञापन


बताया गया कि आरोपी  छह साल की सजा काट रहा है और कैथल जेल में बंद  है। नौ अप्रैल को कलेक्टर द्वारा उसे पैरोल देने से इनकार कर दिया गया था। बहस के दौरान सरकारी वकील ने बताया कि चूंकि याचिकाकर्ता एक अन्य मामले का ट्रायल झेल रहा है और वह गवाहों को धमकाने या प्रेरित करने का प्रयास कर सकता है। इसके साथ ही वह अन्य अपराधों में लिप्त हो सकता है, इसलिए एसपी कैथल द्वारा पैरोल जारी करने के लिए उनके नाम की सिफारिश नहीं की गई थी।

इसके बाद जिला कलेक्टर कैथल द्वारा उसकी पैरोल की मांग खारिज कर दी गई। सभी पक्षों को सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने कहा कि जिला कलेक्टर कैथल द्वारा पारित आदेश अवैध नहीं है। जिला कलेक्टर ने पैरोल देने से पहले सभी तथ्यों की जांच करने के उपरांत उचित निर्णय लिया होगा। यदि याचिकाकर्ता या इस प्रकार के किसी अन्य मामले में सजा काट रहे व्यक्ति को पैरोल चाहिए तो जिला कलेक्टर की संतुष्टि आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें