पंजाब के निजी स्कूलों को बड़ा झटका देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने 1 अक्तूबर के आदेश को वापस लेने या रोक लगाने से जुड़ी अर्जी खारिज कर दी। अपने आदेश में हाईकोर्ट ने सिर्फ उन्हीं निजी स्कूलों को फीस वसूलने की इजाजत दी थी जिन्होंने ऑनलाइन क्लास की सुविधा दी हो। साथ ही निजी स्कूलों को अपनी पिछले सात महीने की बैलेंस शीट जमा करवाने का आदेश दिया था।
जस्टिस एसएन सत्यनारायण एवं जस्टिस अर्चना पुरी की खंडपीठ ने निजी स्कूलों की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि 1 अक्तूबर का आदेश फिलहाल न तो वापस लिया जा सकता है और न ही उस पर रोक लगाई जा सकती है। इन सभी अपीलों पर 12 नवंबर को सुनवाई होनी है और उसी दिन इन पर आगे का निर्णय लिया जा सकता है। सिंगल बेंच के 30 जून के फैसले के खिलाफ पंजाब सरकार और अभिभावकों ने खंडपीठ में अपील दायर की थी।
जस्टिस राजीव शर्मा एवं जस्टिस एचएस सिद्धू की खंडपीठ ने आदेश में कहा था कि सिर्फ वही स्कूल लॉकडाउन के दौरान की ट्यूशन फीस वसूल सकते हैं, जिन्होंने विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लास की सुविधा दी है। इसके साथ ही सभी निजी स्कूलों को पिछले सात महीने की बैलेंस शीट किसी चार्टेड अकाउंटेंट से वेरिफाई करवा दो सप्ताह में सौंपने के आदेश दिए थे। इसके साथ ही स्टाफ चाहे वो नियमित, अनुबंध या एडहॉक हो, उन्हें पूरा वेतन देने और ट्रांसपोर्ट फीस न वसूलने के आदेश दिए थे।
निजी स्कूलों ने आदेश को वापस लेने या इस पर रोक लगाने और मुख्य याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए अर्जी दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को स्कूलों की इन सभी मांगों को ख़ारिज करते हुए 12 नवंबर को पहले से तय तारीख पर ही सुनवाई का निर्णय लिया।