जस्टिस रितु बाहरी के पहली महिला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनने के साथ ही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक और इतिहास बनेगा। मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में मंगलवार को पहली बार दो महिला जज सुनवाई के लिए बैठेंगी। जस्टिस रितु बाहरी ने मुख्य न्यायाधीश की अदालत (कोर्ट नंबर-1) में सुनवाई का निर्णय लिया है और इससे जुड़ी सूचना भी जारी कर दी है।
जस्टिस रितु बाहरी ने कार्यभार संभालने के साथ ही सभी तरह के मामलों की सुनवाई के लिए जजों का रोस्टर तय कर दिया है। खास बात यह है कि उन्होंने अपने लिए दो खंडपीठ तय की हैं। लंच से पहले जस्टिस निधि गुप्ता उनके साथ खंडपीठ का हिस्सा बनेंगी और यह बेंच जनहित याचिका, मानवाधिकार से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी।
लंच के बाद उनके साथ जस्टिस अमन चौधरी होंगे और यह खंडपीठ सिंगल बेंच के फैसलों के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई करेगी। जस्टिस रितु बाहरी के साथ जस्टिस निधि गुप्ता की खंडपीठ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अदालत में बैठने वाली पहली खंडपीठ होगी, जिसमें दोनों जज महिला हैंं। हाईकोर्ट में वर्तमान में 56 जज हैं और इनमें से 12 महिलाएं हैं।
1985 में पंजाब यूनिवर्सिटी से हासिल की थी लॉ की डिग्री
जस्टिस रितु बाहरी ने 1985 में पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री हासिल कर 1986 में हाईकोर्ट में वकालत शुरू की थी। 16 अगस्त 2010 को उन्हें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का पद संभालने के बाद वह पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की सबसे वरिष्ठ जज हैं।