घरौंडा से पूर्व विधायक रमेश कश्यप द्वारा पेंशन की मांग को लेकर दाखिल याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका 21 साल बाद दाखिल की गई है ऐसे में याची को पेंशन का लाभ नहीं दिया जा सकता।
रमेश कश्यप ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि वह 1996 में विधायक बना था। इसके बाद उसके निर्वाचन को चुनौती देते हुए रमेश कुमार राणा ने याचिका दाखिल की थी। 1999 में हाईकोर्ट ने उसके पक्ष में फैसला देते हुए याची के निर्वाचन को रद्द कर दिया था। याची ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट केफैसले पर रोक लगा दी थी। इसके बाद 14 दिसंबर 1999 में विधानसभा भंग हो गई थी जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने याची की अपील को खारिज कर दिया।
इसके बाद याची ने लीगल नोटिस भेजकर अपना कार्यकाल 5 वर्ष मान पेंशन देने की विधानसभा से मांग की थी। विधानसभा ने 2001 में याची की मांग को खारिज कर दिया। इसके बाद कश्यप ने विधानसभा के 2001 के आदेश को रद्द करने की याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की। हाईकोर्ट ने कहा कि यह याचिका 21 साल की देरी से दाखिल की गई है, ऐसे में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।