दो लड़कियों ने एक दूसरे के साथ रहने के लिए पहले कानूनी लड़ी और जीती। उसके 13 दिन बाद अचानक हो गया कुछ ऐसा कि दोनों अब अलग-अलग हो गई हैं। मामला चंडीगढ़ का है। दो लड़कियों को साथ रहने के लिए सुरक्षा दिए जाने के 13 दिन के भीतर ही परिजनों से हाईकोर्ट में मिलने के बाद एक ने महिला साथी के साथ न जाकर परिजनों के साथ जाने का निर्णय ले लिया।
ऐसे में कानूनी लड़ाई लड़ दो लड़कियां साथ पाने के 13 दिन बाद ही अलग हो गई हैं। 27 अक्तूबर को हाईकोर्ट ने इन दोनों को साथ रहने की अनुमति देते हुए सुरक्षा पर डीसीपी पंचकूला को निर्णय लेने के आदेश दिए थे। जिसके बाद उन्हें प्रोटेक्शन होम भेज दिया गया था।
याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट गोबिंद ढांडा ने हाईकोर्ट को बताया था कि पंचकूला की दो लड़कियां जो बालिग हैं वह साथ रहना चाहती हैं। उन दोनों के परिवार वाले उन्हें साथ रहने नहीं दे रहे हैं और उन्हें जान का खतरा है।
उन्होंने कहा कि दोनों लड़कियां बालिग हैं और अपनी इच्छा से साथ रहना चाहती हैं और ऐसे में उन्हें रोका नहीं जा सकता। परिवार वालों को आपत्ति जाति को लेकर हैं और ऐसे में दोनों की जान पर बनी हुई है। एक लड़की सामान्य वर्ग की है तथा दूसरी अनुसूचित जाति की।