पति के खिलाफ दाखिल याचिका को मंजूर करते हुए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने तलाक को मंजूरी देते हुए फैमिली कोर्ट के आदेश खारिज कर दिए। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि पत्नी से पशु जैसा बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है क्योंकि उसको भी सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है।
जीरकपुर निवासी पत्नी का विवाह अंबाला निवासी के साथ हरिद्वार में 2004 में हुआ था और उसके बाद वे अंबाला में ही रहने लगे। 2004 में उन्हें एक बेटी हुई और 2007 में एक बेटा। पत्नी के आरोप के अनुसार, शादी के बाद से ही उसका पति याची के घरवालों से किसी न किसी बहाने पैसे की वसूली करता था।
इसके साथ ही वह याची व उसके बच्चों के साथ वह बहुत बुरा बर्ताव व गाली गलौच करता था। आय 1 लाख रुपये महीना होने के बावजूद वह याची को पैसे नहीं देता था, जिसके चलते उसे बुटीक खोलने को मजबूर होना पड़ा।