महिला सरपंच ने एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि फरवरी के महीने में तीस दिन होते हैं और उसकी नौकरी चली गई। मामला पंजाब का है। फिरोजपुर झिरका के गांव जमालगढ़ की सरपंच संजीदा को फरवरी में 30 दिन बताने पर अपनी सरपंची खोनी पड़ गई। इलेक्शन ट्रिब्यूनल द्वारा सरपंच के पद के लिए उसे अयोग्य घोषित करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दिया।
याचिका दाखिल करते हुए संजीदा ने हाईकोर्ट को बताया कि सरपंच पद के लिए 10 जनवरी 2016 को चुनाव हुआ था। उसमें वह 167 मतों से विजयी रही थी। उसके निर्वाचन को चुनौती देते हुए फरजीदा ने इलेक्शन ट्रिब्यूनल में याचिका दाखिल की थी। ट्रिब्यूनल ने संजीदा के आठवीं के प्रमाण पत्र को फर्जी मानते हुए उसके चुनाव को खारिज कर दिया था।