निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस के अलावा छात्रों से अन्य किसी भी तरह की फीस की वसूली पर हरियाणा सरकार द्वारा रोक लगाने के आदेश के खिलाफ निजी स्कूलों की संस्था सर्व विद्यालय संघ हरियाणा कि याचिका पर सुनवाई कर हाईकोर्ट ने पूछा कि सभी पक्ष मिलकर बैठक कर इस मामले का हल क्यों नहीं निकाल लेते। बुधवार को काफी देर सुनवाई करने के बाद मामले की सुनवाई सोमवार तक स्थगित कर दी गई है।
सर्व विद्यालय संघ हरियाणा ने याचिका में कहा कि लॉकडाउन से सिर्फ छात्रों के अभिभावक ही प्रभावित नहीं हुए हैं बल्कि निजी स्कूल भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। ऐसे में अब अगर वह फीस भी पूरी नहीं वसूल पाए तो स्कूलों के पास शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मियों को वेतन देना और स्कूल का खर्च निकाल पाना भी मुश्किल हो जाएगा। संस्था ने हरियाणा सरकार द्वारा 12 अप्रैल से 8 मई तक जारी उन सभी आदेश पर रोक की मांग की है। जिसके तहत सरकार ने निजी स्कूलों को फीस न बढ़ाने, स्कूल खुलने तक फीस वसूल न करने और सिर्फ ट्यूशन फीस के अलावा अन्य किसी फंड के लिए लेने पर पाबंदी लगा दी है।
अभिभावकों का पक्ष भी सुना जाना चाहिए
बुधवार को इस मामले में निजी स्कूलों के अभिभावकों ने कहा कि मामले में हाईकोर्ट को अभिभावकों का भी पक्ष सुनना चाहिए। इस पर निजी स्कूलों ने इस अर्जी का विरोध किया, जिस पर हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में अभिभावकों का पक्ष भी सुना जाना जरूरी है । लंबी बहस के बाद हाईकोर्ट ने सुझाव दिया कि क्यों न इस पूरे मामले में सरकार,निजी स्कूल और अभिभावक मिल बैठकर इसका हल निकाल लेते। इस पर हरियाणा के एडिशनल एडवोकेट जनरल ने मामले में सरकार से निर्देश ले हाईकोर्ट को सूचित करने के लिए समय मांगा। इस पर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई सोमवार तक स्थगित कर दी है।