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Highcourt: चंडीगढ़ प्रशासन को काउंसलिंग के बाद सरकारी स्कूलों में खाली सीटों का ब्यौरा सौंपने का आदेश

Fri, 07 Jul 2023 03:41 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

निजी स्कूल की छात्रा स्वयंदीप कौर व अन्य ने एडवोकेट आलोक जग्गा व हरकिरत सिंह के माध्यम से याचिका दायर कर हाईकोर्ट में प्रशासन की 11वीं में प्रवेश से जुड़ी नीति को चुनौती दी है। प्रशासन ने कहा कि यह नीति गरीब परिवार के विद्यार्थियों को ध्यान में रख कर बनाई गई है ताकि उन्हें ग्यारहवीं में दाखिला सुनिश्चित किया जा सके।
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ यूटी प्रशासन को काउंसलिंग के बाद शहर के सरकारी स्कूलों में मौजूद 11वीं की रिक्त सीटों का ब्यौरा सौंपने का प्रशासन को आदेश दिया है। साथ ही यह भी पूछा है कि क्या निजी स्कूलों से दसवीं करने वाले छात्रों को 11वीं में प्रवेश के लिए आवेदन में भरे गए संकाय को बदलने की प्रशासन छूट देगा।

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निजी स्कूल की छात्रा स्वयंदीप कौर व अन्य ने एडवोकेट आलोक जग्गा व हरकिरत सिंह के माध्यम से याचिका दायर कर हाईकोर्ट में प्रशासन की 11वीं में प्रवेश से जुड़ी नीति को चुनौती दी है। प्रशासन ने शहर के सरकारी स्कूलों में 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए राज्य का 85 प्रतिशत सीटों का कोटा तय किया है जो केवल शहर के सरकारी स्कूलों से दसवीं पास करने वालों के लिए है। याचिकाकर्ताओं ने भी शहर के स्कूलों से दसवीं की है लेकिन निजी स्कूलों से। केवल इसी आधार पर याचिकाकर्ताओं को बाकी राज्यों के छात्रों के लिए बचे हुए 15 प्रतिशत सीटों के कोटे में धकेल दिया है।


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प्रशासन कोर्ट को बता चुका है कि सरकारी स्कूल से 10वीं करने वाले 11वीं में प्रवेश से महरूम न रह जाएं यह फैसला लिया गया है। ऐसा करना केवल सरकारी स्कूलों से दसवीं करने वालों को पढ़ाई जारी रखने का मौका देना है जो उनका अधिकार है। गत वर्ष बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के छात्रों को 11वीं में प्रवेश नहीं मिल पाया था। याची पक्ष के वकील आलोक जग्गा ने कहा कि याची छात्रा के 85 प्रतिशत नंबर है लेकिन उसे दाखिला नहीं मिला जबकि सरकारी स्कूल से दसवीं में कंपार्टमेंट वाले 34 प्रतिशत अंक लेने वाले छात्र को दाखिला मिल गया जोकि असांविधानिक है।

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प्रशासन ने कहा कि यह नीति गरीब परिवार के विद्यार्थियों को ध्यान में रख कर बनाई गई है ताकि उन्हें ग्यारहवीं में दाखिला सुनिश्चित किया जा सके। इससे पहले सैंट्रलाइज एडमिशन के माध्यम से दाखिला प्रक्रिया होती थी जिसमे सरकारी व अन्य स्कूलों की कॉमन मैरिट लिस्ट बंटी थी जिसमे कम अंको के कारण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मन पसंद स्कूल व स्ट्रीम में दाखिला नहीं मिल पाता था। इस दौरान निजी स्कूल से दसवीं करने वाले छात्रों की ओर से कहा गया कि उन्होंने 11वीं में प्रवेश के लिए आवेदन फॉर्म में जो संकाय भरा है वह उसे बदलना चाहते हैं ताकि उन्हें अन्य स्ट्रीम में दाखिला मिल सके।

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