पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि लॉरेंस को जिस हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया था, वहां जैमर लगाए गए हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क किसी भी सूरत में काम नहीं कर सकता। यहां तक कि आए दिन इन हाई सिक्योरिटी सेल की टेस्टिंग की जाती है।
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जेल से हुए इंटरव्यू को लेकर एक बार फिर घमासान मच गया है। जेल से हुए इस इंटरव्यू का पता लगाने के लिए गठित की गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में बुधवार को अपनी अंतरिम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया था कि यह लॉरेंस का इंटरव्यू पंजाब की हद में हुआ है और पहला इंटरव्यू जेल ही में दिया गया है।
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इस खुलासे के बाद पंजाब की मौजूदा सरकार को विपक्षी दलों ने लॉ एंड ऑर्डर पर घेरना शुरू कर दिया है। यहां तक कि विपक्ष के नेता सीएम भगवंत मान को इस पर स्पष्टीकरण देने को कह रहे हैं। हाईकोर्ट में एसआईटी की ओर से रिपोर्ट पेश करने के बावजूद पंजाब सरकार यह दावा कर रही है कि यह इंटरव्यू पंजाब की किसी जेल में नहीं हुआ है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पुलिस की फाइंडिंग रिपोर्ट में यह साफ है कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को 8 मार्च, 2023 को राजस्थान पुलिस बठिंडा जेल लेकर पहुंची थी। 9 मार्च को लॉरेंस को बठिंडा जेल से तलवंडी साबो कोर्ट में पेश किया गया था और एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। 10 मार्च को लॉरेंस को दोबारा बठिंडा जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया था।
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डीजीपी ने कहा कि लॉरेंस को जिस हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया था, वहां जैमर लगाए गए हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क किसी भी सूरत में काम नहीं कर सकता। यहां तक कि आए दिन इन हाई सिक्योरिटी सेल की टेस्टिंग की जाती है। बिश्नोई को जिस सेल में रखा गया था, वहां केवल एक ही कैदी को रखा जाता है। ऐसे में पंजाब सरकार एसआईटी के तथ्यों को एक बार फिर खारिज करने में जुटी है।