बुधवार सुबह जब पंजाब के बजट में खुदकुशी करने वाले किसानों के परिवारों के लिए राहत का ऐलान किया जा रहा था, मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी राजेश गुप्ता जिंदगी की जंग हार चुके थे।
मंगलवार शाम को ढींढसा बजट में लिख रहे होंगे कि पंजाब में कोई नया टैक्स नहीं वसूला जाएगा और उसी शाम राजेश अपने सुसाइड नोट में लिख रहे थे कि पुराने टैक्स वाली मशीनरी से परेशान होकर वे जहर खा रहे हैं।
राजेश गुप्ता की मौत एक साथ कई सवाल परोस रही है। वह बता रही है कि पंजाब में इंडस्ट्री का भी एग्रीकल्चर की ही तरह खाना खराब है। किसान अगर फसल या जमीन हाथ से जाने पर मौत को गले लगा रहा है तो उद्यमी-व्यापारी अपनी पूंजी हाथ से जाने पर सिर पीट रहे हैं।
इसी पंजाब में ई-ट्रिप ने महीनों व्यापारियों को खून के आंसू रुलाए। इसी राज्य में एडवांस टैक्स ने इंडस्ट्री को नाकों चने चबवाए। ...और अब राज्य के एक ईटीओ यानी एक्साइज-सेल्स टैक्स ऑफिसर के ही सिर यह इल्जाम आया है कि उसने एक जवान और उदीयमान व्यापारी को कानून के जाल में इस कदर उलझा दिया कि उसने जहर खाना कबूल कर लिया।