अनुच्छेद 167 के मुताबिक जानकारी देना अनिवार्य
पत्र में राज्यपाल ने लिखा है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 167 के प्रावधानों के मुताबिक राज्यपाल की ओर से राज्य के प्रशासनिक मामलों के बारे में मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसके साथ ही राज्यपाल ने मुख्यमंत्री मान की ओर से 28 फरवरी 2023 को दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला भी दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल, दोनों सांविधानिक पदाधिकारी हैं और दोनों की संविधान द्वारा निर्दिष्ट भूमिकाएं व दायित्व हैं।
नशे पर जताई चिंता, कहा- पांच में से एक व्यक्ति नशे का आदी
अपने पत्र में राज्यपाल ने प्रदेश में बढ़ रहे नशे के कारोबार पर चिंता जताते हुए कहा है कि पंजाब में नशा चरम पर है। एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में दवा की दुकानों पर भी नशीले पदार्थ उपलब्ध हैं। यहां तक कि राज्य सरकार की ओर से नियंत्रित शराब की दुकानों में भी नशीले पदार्थ बेचे जा रहे हैं। हाल ही में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीआरबी) और चंडीगढ़ पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में लुधियाना से ड्रग्स बेचने वाले 66 शराब ठेकों को सील किया गया था। राज्यपाल ने पत्र में यह भी लिखा कि संसद की स्थायी समिति की हालिया रिपोर्ट बताती है कि पंजाब में प्रत्येक पांच में से एक व्यक्ति नशे का आदी है। यह तथ्य पंजाब में कानून-व्यवस्था के चरमराने की ओर इशारा करते हैं।
नशे पर सरकार की कार्रवाई पर रिपोर्ट राजभवन भेजने का निर्देश
राज्यपाल ने लिखा कि राज्य में ग्रामीणों ने भी बड़ी संख्या में सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं और खुद को नशे से बचाने के लिए अपनी ग्राम रक्षा समितियां बनाने का फैसला किया है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को ड्रग्स मामले पर राज्य सरकार की ओर से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तुरंत राजभवन भेजने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी लिखा कि कार्रवाई रिपोर्ट नहीं भेजे जाने की स्थिति में उनके पास कानून और संविधान के अनुसार कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।