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Chandigarh: तीन मार्च को सत्र बुलाने पर गवर्नर-सीएम में ठनी, राज्यपाल बोले-असांविधानिक, कानूनी सलाह लूंगा

Thu, 23 Feb 2023 05:21 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पुरोहित ने कहा कि सीएम मान का ट्वीट और पत्र न केवल स्पष्ट रूप से असांविधानिक है, बल्कि बेहद अपमानजनक भी है, इसलिए मैं कानूनी सलाह लेने के लिए मजबूर हूं। कानूनी सलाह लेने के बाद ही उनके अनुरोध पर फैसला लेंगे। 
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बनवारी लाल पुरोहित और भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच टकराव बरकरार है। राज्यपाल ने मान सरकार के बजट सत्र को बुलाने की अनुमति देने से फिलहाल इन्कार कर दिया है। सरकार को भेजे जवाबी पत्र में राज्यपाल ने सीएम को लिखा कि 13 फरवरी को आपके पत्र और ट्वीट देखे, जो न सिर्फ असांविधानिक हैं बल्कि बेहद अपमानजनक हैं। मैं इस मुद्दे पर कानूनी सलाह लेने के लिए मजबूर हूं। कानूनी सलाह लेने के बाद ही मैं सत्र के बारे में आपके आग्रह पर फैसला करूंगा। राज्यपाल ने अपने जवाब के साथ मुख्यमंत्री के ट्वीट और पंजाबी भाषा में भेजे गए पत्र का अंग्रेजी में अनुवाद कर वापस भेजा है।

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गौरतलब है कि 13 फरवरी को राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर सिंगापुर में ट्रेनिंग के लिए भेजे गए प्रिंसिपलों की चयन प्रक्रिया और कुल खर्च का ब्योरा तलब किया था। उन्होंने पीआईसीटीसी के चेयरमैन पद पर गुरिंदरजीत सिंह जवंदा की नियुक्ति पर भी यह कहते हुए सवाल उठाया कि जवंदा का नाम अपहरण और संपत्ति कब्जाने के मामले में शामिल रहा है। 

इसके साथ ही राज्यपाल ने एससी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप नहीं दिए जाने, चंडीगढ़ में एसएसपी रहे आईपीएस अधिकारी कुलदीप सिंह चहल को राजभवन की आपत्ति के बावजूद प्रमोट करने, आदेश के बावजूद पीएयू के वाइस चांसलर को नहीं हटाने, राज्य की सुरक्षा से जुड़ी अत्यंत गोपनीय और संवेदनशील बैठकों में नवल अग्रवाल की मौजूदगी और विज्ञापनों पर सरकारी खर्चे को लेकर जवाब मांगा था। साथ ही पूर्व में भेजे गए अपने पत्रों का उल्लेख करते हुए एतराज जताया था कि मुख्यमंत्री उनके पत्रों को ठंडे बस्ते में डालकर जानकारी नहीं दे रहे हैं। 
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इस पर मुख्यमंत्री ने 13 फरवरी को ही ट्वीट कर राज्यपाल की नियुक्ति पर सवाल उठाया और कहा कि राज्यपाल द्वारा उठाए सभी मामले राज्य के विषय हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी लिखा कि उनकी सरकार 3 करोड़ पंजाबियों के प्रति जवाबदेह है न कि केंद्र सरकार की ओर से नियुक्त किसी राज्यपाल के प्रति। मुख्यमंत्री ने ट्वीट में कही बातें भी राजभवन को भेजे अपने पत्र में लिखीं। साथ ही, राज्यपाल से उनकी नियुक्ति प्रक्रिया की जानकारी देने का कहा था।

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