फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: पंजाब सरकार का बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ अभियान जारी, 47 बच्चों को छुड़ाया गया

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
विज्ञापन


-जिला बाल सुरक्षा टीमों ने 31 जगह की चेकिंग
-माता-पिता की भूमिका की भी जांच कर रहा विभाग
-
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब सरकार का बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ जीवनज्योत प्रोजेक्ट जारी है। सोमवार को सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग ने राज्य भर में चलाई गई विशेष मुहिम के दौरान 47 भिक्षावृत्ति के लिए मजबूर किए गए बच्चों को छुड़ाया गया।
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि जिला बाल सुरक्षा टीमों ने 31 जगहों पर चेकिंग की। इस दौरान जिला अमृतसर में 1, बरनाला 2, बठिंडा 4, फिरोजपुर 3, फतेहगढ़ साहिब 2, गुरदासपुर 9, फाजिल्का 1, होशियारपुर 5, मालेरकोटला 2, पटियाला 9, रूपनगर 2 और मुक्तसर साहिब में 7 मजबूर बच्चों को रेस्क्यू किया गया। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि छुड़ाए गए 30 बच्चों को दस्तावेजी जांच के बाद उनके माता-पिता के सौंपा दिया गया जबकि 17 बच्चों को चाइल्ड केयर संस्थानों में भेजा गया है। इनके माता-पिता की पहचान नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि विभाग माता-पिता की भूमिका की भी जांच कर रहा है ताकि उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि अगर किसी बच्चे के मामले में संबंधित टीम को किसी भी तरह का कोई संदेह होता है तो वह एफआईआर दर्ज करवा सकती है। डीएनए टेस्ट कराने के लिए संबंधित डिप्टी कमिश्नर की मंजूरी ले सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि बार-बार समझाने के बावजूद भी अगर माता-पिता अपने बच्चों को भिक्षावृत्ति के लिए मजबूर करते हैं तो उन्हें अयोग्य अभिभावक घोषित कर सख्त सजा देने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अगर यह साबित होता है कि किसी तस्करी या आपराधिक गतिविधि के तहत यह भिक्षावृत्ति करवाई जा रही थी तो ऐसी गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें