तीसरी बैठक बीते मंगलवार को चंडीगढ़ में बुलाई गई थी लेकिन सूबे के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल जो कि कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय मैनिफेस्टो कमेटी के सदस्य भी हैं, के चेन्नई में होने के कारण बैठक स्थगित कर दी गई। मनप्रीत बादल इन दिनों आगामी लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी का मैनिफेस्टो तैयार करने के उद्देश्य से विभिन्न राज्यों के दौरे पर हैं। जाहिर है, उनके पंजाब लौटने के बाद ही सरकार कोई अंतिम फैसला लेगी।
इस दौरान वित्त विभाग और एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के अधिकारी इन दिनों पेट्रोल-डीजल की कीमतों, उन पर लागू वैट आदि का अध्ययन कर रहे हैं। पता चला है कि अफसरों ने पेट्रो पदार्थों पर वैट कटौती की संभावना से इनकार कर दिया है। इस संबंध में रिपोर्ट जल्द ही वित्त मंत्री को सौंप दी जाएगी।
केंद्र के एक्साइज ड्यूटी घटाने से हुआ नुकसान
आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ढाई रुपये घटाने से पंजाब को वैट में 1.58 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से नुकसान हुआ है। वर्ष 2017 में सूबे में पेट्रोल की कुल खपत 11,280 लाख लीटर और डीजल की 40,170 लाख लीटर रही। इस साल के आंकड़ों के अनुसार, गत जुलाई माह में पेट्रोल की बिक्री से जहां 2,121 करोड़ की आमदनी हुई वहीं अगस्त में यह बढ़कर 2,611 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
यानी, राज्य सरकार पेट्रोल-डीजल की बिक्री से काफी मुनाफा कमा रही है। पंजाब में पेट्रोल पर 35.25 फीसदी और डीजल पर 16.82 फीसदी वैट लागू है। केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी घटने के बाद राज्य सरकार को चालू वित्त वर्ष के बाकी महीनों में 800 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है।