चंडीगढ़। पंजाब सरकार सहायक प्रोफेसरों के नए वेतनमान पर दोबारा मंथन करेगी। चारों ओर से दबाव बनने के बाद सरकार ने विशेष कमेटी का गठन कर दिया है। यह मामला विशेष कमेटी के पास चला गया है। जानकारों का कहना है कि शिक्षकों को राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
कुछ दिनों पहले पंजाब सरकार ने सरकारी डिग्री कॉलेजों में तैनात होने वाले सहायक प्रोफेसरों के वेतनमान को घटा दिया था। जैसे ही यह आदेश सार्वजनिक हुआ तो शिक्षकों में हड़कंप मच गया। शिक्षकों ने सरकार से इस आदेश को वापस लेने की मांग की, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद शिक्षकों ने चरणवार तरीके से प्रदर्शन किए। चंडीगढ़ में प्रांतीय रैली निकाली गई। इस प्रदर्शन का सरकार पर काफी असर हुआ। शिक्षक नेता डॉ. जगवंत सिंह बताया कि सरकार ने इस मामले पर दोबारा कार्य करने के लिए कमेटी बना दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षकों की ही जीत होगी। उन्होंने कहा कि नए वेतनमान आदेेश से शिक्षकों को नुकसान होगा। उनकी पदोन्नति से लेकर सातवें वेतमान तक की प्रक्रियाएं बाधित होंगी। साथ ही पिछली सेवाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल सकेगा। नए शिक्षक जो तैनात होंगे उन्हें नुकसान ही नुकसान है, जो सहन नहीं किया जा सकता है। इसके लिए सरकार को नया वेतनमान आदेश वापस लेना होगा अन्यथा शिक्षक आगे की रणनीति तैयार करेंगे।