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PM की सुरक्षा में चूक का मामला: एक्शन में पंजाब सरकार, एसपी के बाद दो डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर और एएसआई निलंबित

Sun, 26 Nov 2023 11:43 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

 PM security breach : कमेटी ने आठ महीने पहले अगस्त 2022 में यह रिपोर्ट अपेक्स कोर्ट और केंद्र सरकार को सौंप दी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर केंद्र ने सितंबर 2022 में पंजाब सरकार को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था।
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पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला। - फोटो : ANI
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विस्तार
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जनवरी 2022 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक मामले में पंजाब सरकार अब एक्शन में है। फिरोजपुर के तत्कालीन एसपी ऑपरेशन गुरबिंदर सिंह को निलंबित करने के बाद छह और पुलिस कर्मियों पर एक्शन लिया है। गुरबिंदर सिंह को ड्यूटी में कोताही का जिम्मेदार माना गया है। वह मौजूदा समय में बठिंडा में एसपी के पद पर तैनात थे। सरकार ने यह कार्रवाई 18 अक्तूबर 2023 को भेजी गई डीजीपी की रिपोर्ट के आधार पर की है। गुरबिंदर सिंह सिंह के अलावा डीएसपी परसन सिंह, डीएसपी जगदीश कुमार, इंस्पेक्टर तेजिंदर सिंह, इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह, इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह और एएसआई राकेश कुमार को भी निलंबित किया गया है।

सरहद से 10 किलोमीटर दूर था काफिला

पांच जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब के फिरोजपुर में दौरा था। उन्हें हुसैनीवाला जाना था। भारी बारिश के कारण पीएम सड़क मार्ग से वहां जा रहे थे लेकिन इस दौरान हुसैनीवाला से 30 किलोमीटर पहले रास्ते में प्रदर्शनकारी आ धमके थे। इससे पीएम का काफिला करीब 20 मिनट बेहद असुरक्षित क्षेत्र तलवंडी भाई-फिरोजपुर हाईवे पर बने फ्लाईओवर पर रुका रहा। यहां से पाकिस्तान सीमा की दूरी सिर्फ 10 किलोमीटर थी। 

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अधिकारी नहीं निभा सके अपनी जिम्मेदारी

इस घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए पूर्व जस्टिस इंदू मल्होत्रा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इस कमेटी ने पूरे घटनाक्रम की जांच की। पहले इस घटनाक्रम के लिए एसएसपी हरमनदीप हंस को ही जिम्मेदार माना जा रहा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी कमेटी की रिपोर्ट में तत्कालीन मुख्य सचिव एवं डीजीपी की लापरवाही सामने आई थी। इसमें कहा गया कि जिस अधिकारी के पास जो जिम्मेदारी थी, वह उसे ठीक ढंग से निभा नहीं पाए। रिपोर्ट में कहा गया कि आईजी (एसपीजी) आरआर भगत ने पुलिस अधिकारियों को समय से पहले ही इनपुट मुहैया करवाया था लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।

आठ महीने पहले सौंपी थी रिपोर्ट

कमेटी ने आठ महीने पहले अगस्त 2022 में यह रिपोर्ट अपेक्स कोर्ट और केंद्र सरकार को सौंप दी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर केंद्र ने सितंबर 2022 में पंजाब सरकार को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था।

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