याची ने पटियाला जेल के हालात के बारे में भी बताया है। उसने कहा कि जेल में नशा भी मिलता है और अक्सर मोबाइल बरामद होते हैं। एक एनकाउंटर का हवाला देते हुए बताया गया कि उस मामले में पुलिस आरोपी को कोर्ट ले जा रही थी और इस दौरान गैंगस्टर को मार दिया गया।
रिकार्ड में दिखाया गया कि गैंगस्टर के विरोधियों ने हमला कर उसकी हत्या की है। इस पर जवाब दाखिल करते हुए पंजाब के एआईजी लिटिगेशन ने कहा कि वह अमृतसर जेल में ट्रांसफर की मांग इसलिए कर रहा है ताकि वह अपने साथियों से मिल सके। उस पर 58 केस दर्ज हैं और तीन केस तो जेल में मोबाइल बरामद होने पर दर्ज किए गए हैं।
किसी राजनीतिक दल या मंत्री की कोई भूमिका नहीं
राजनीतिक पार्टियों की शह पर उसे बलि का बकरा बनाने के आरोप को पंजाब पुलिस ने खारिज करते हुए कहा कि किसी राजनीतिक पार्टी या किसी मंत्री की इसमें कोई भूमिका नहीं है। भगवानपुरिया मुख्य रूप से अमृतसर और गुरदासपुर में नशे की तस्करी का काम करता है और बेहद खतरनाक अपराधी है। पंजाब सरकार ने उसकी जेल बदलने की अपील का विरोध किया।