स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 1400 कर्मचारियों की वापसी तय हो गई है। बस तैनाती स्थल पर ज्वाइनिंग से पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों को भविष्य में आंदोलन न करने का स्व-घोषणा पत्र देना होगा। एनएचएम निदेशक ने इस आशय का एक नया आदेश मंगलवार को जारी कर दिया है। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने भी इसकी पुष्टि कर दी है।
रेगुलर किए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत एनएचएम के 1400 कर्मचारियों की 10 मई को सेवाएं रद्द कर दी गई थीं। एनएचएम डायरेक्टर की ओर से पत्र जारी कर इसकी घोषणा की गई थी। पंजाब सरकार की ओर से सभी सिविल सर्जनों को रिक्त स्थानों पर नई भर्तियों के आदेश जारी कर दिए गए थे।
इन आदेशों के 24 घंटों के बाद एनएचएम डायरेक्टर की ओर से एक नया आदेश जारी किया गया है। जिसमें उल्लेख किया गया है कि सभी कर्मचारियों को सशर्त वापसी की जाएगी। तैनाती स्थल पर ड्यूटी ज्वाइन करने से पहले कर्मचारियों को एक स्व-घोषणा पत्र देना होगा। जिसमें लिखना होगा कि वह मांगों को लेकर भविष्य में आंदोलन नहीं करेंगे। यदि वह इसका उल्लंघन करते हैं तो उनकी सेवाएं को रद्द समझा जाएगा।
आज करनी होगी ज्वाइनिंग
नए आदेश में एनएचएम के कर्मचारियों को 12 मई को अपने तैनाती स्थल पर पहुंच कर ज्वाइनिंग करनी होगी। सुबह 10 बजे वह अपने रिपोर्टिंग इंचार्ज को इसकी जानकारी देकर स्व-घोषणा पत्र सौपेंगे।
बता दें कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए एनएचएम कर्मचारियों की तैनाती वर्ष 2019 में की गई थी। इन दो सालों में कर्मचारियों की 31 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि की जा चुकी है। साथ ही नौकरी के अन्य लाभ दिए जा रहे हैं।
पंजाब इन दिनों संकट के दौर से गुजर रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारी आगे बढ़कर इस महामारी के संकट से राज्य को ऊबारने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार भी इन्हे वॉरियर्स का दर्जा दे चुकी है। बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब।