कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू।
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पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में कलह बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के ताबड़तोड़ हमलों में कमी नहीं आ रही है। बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड को लेकर सिद्धू अपने ट्विटर हैंडल पर लगातार सक्रिय हैं। उनके द्वारा अब तक किए गए ट्वीट से यह साफ होने लगा है कि सिद्धू 2022 के विधानसभा चुनाव में कैप्टन के खिलाफ, बादल परिवार से कथित साठगांठ और दोषियों को सजा दिलाने में टालमटोल के अपने आरोपों को मुख्य आधार बनाने की तैयारी में जुट गए हैं।
रविवार को सिद्धू ने ट्वीट किया था- ‘ब्यूरोक्रेसी और पुलिस में सबसे पहले बादल परिवार की चलती है। सरकार लोगों के कल्याण के लिए नहीं, बल्कि माफिया राज के नियंत्रण में चल रही है।’ इससे एक दिन पहले भी सिद्धू ने ट्वीट कर कैप्टन का नाम लिए बिना लिखा था- ‘कोटकपूरा गोलीकांड में इंसाफ गृहमंत्री की नाकामी की वजह से नहीं मिला।’
सोमवार को सिद्धू ने फिर कैप्टन पर निशाना साधते हुए नया ट्वीट किया। यह ट्वीट कैप्टन सरकार द्वारा कोटकपूरा गोलीकांड केस में हाईकोर्ट द्वारा एसआईटी की रिपोर्ट रद्द करने के बाद नई एसआईटी गठित किए जाने को लेकर है। सिद्धू ने लिखा- आपके नापाक इरादे साफ हैं। किसी भी हाईकोर्ट ने आपको साढ़े चार साल तक नहीं रोका! जब डीजीपी/सीपीएस की नियुक्तियां रद्द कर दी गई थीं तब तो घंटों में ही हाईकोर्ट में इसे चुनौती दे दी गई। अब आप पहले तो हाईकोर्ट पर हमला करो, फिर पिछले दरवाजे से लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए उसी आदेश को स्वीकार भी कर लो।
उल्लेखनीय है कि पंजाब कांग्रेस में कैप्टन और नवजोत सिद्धू के बीच 2017 से जारी खींचतान 2019 में सिद्धू के कैबिनेट से इस्तीफे के बाद काफी बड़ी हो गई थी। इसे सुलझाने के प्रदेश प्रभारी हरीश रावत द्वारा किए गए सारे प्रयास इस साल विफल हो जाने के बाद से सिद्धू कैप्टन के खिलाफ खुलकर मुखर हो गए हैं। सिद्धू के लगातार हमलों के परेशान कैप्टन ने हाल ही में यह बयान दिया था कि सिद्धू के लिए उनके दरवाजे अब बंद हो चुके हैं। उसके बाद से सिद्धू द्वारा कैप्टन पर आरोपों की झड़ी लगा दी गई है और इसके लिए वे अपने ट्विटर हैंडल का उपयोग कर रहे हैं।