पंजाब सरकार जेलों में बंद कैदियों को उनकी सजा के दौरान ही जेल के भीतर और बाहर नौकरी मुहैया कराने पर विचार कर रही है। जेलों में जिन कैदियों का आचरण अच्छा रहेगा और जिनके परिजन उनके न भागने की लिखित जमानत देने को तैयार होंगे, उन्हें सजा के दौरान ही जेल के बाहर जाकर नौकरी करने की छूट दी जाएगी। ऐसे कैदी जेल से सुबह अपने काम पर जाएंगे और शाम को ड्यूटी खत्म होने के बाद जेल में लौट आएंगे।
जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का कहना है कि विभाग के अधिकारियों द्वारा ऐसी नीति तैयार की जा रही है। अगर सब कुछ सही रहा तो अच्छे आचरण वाले कैदियों को सजा के दौरान भी जेल के भीतर और बाहर नौकरी करने की छूट दी जाएगी। जेल मंत्री ने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य सजायाफ्ता लोगों को सामाजिक ढांचे में सम्मानजनक तरीके से वापस लाना है। जेल से रिहा होने के बाद कैदी फिर से जुर्म की दुनिया में न लौटें, इसलिए उन्हें जीवनयापन का साधन पहले ही मुहैया कराना कारगर साबित हो सकता है।