मोहाली में इस साल मेडिकल कॉलेज शुरू नहीं होगा। वजह यह है कि दो साल बाद भी पंजाब वित्त आयोग से खर्च राशि को मंजूरी नहीं मिली है। केंद्र सरकार अपने हिस्से की राशि जारी कर चुकी है, लेकिन राज्य सरकार के हिस्से की राशि जारी नहीं हो पाई है। सिविल अस्पताल को अपग्रेड कर यहां मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा अप्रैल 2017 में कांग्रेस सरकार आने के बाद की गई थी। इस पर 374.8 करोड़ की लागत आनी है। इसका 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार व 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को खर्च करना है।
मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार ने अपने हिस्से से ग्रांट की किश्त जारी कर दी, लेकिन दो साल बाद भी इस पर होने वाले राज्य सरकार के खर्च को पंजाब वित्त आयोग से मंजूरी नहीं मिल पाई है। लिहाजा यह प्रोजेक्ट अधर में ही लटका हुआ है जबकि मोहाली में मेडिकल कॉलेज की घोषणा के वक्त राज्य सरकार का दावा था कि वर्ष 2019 में इसका पहला सत्र शुरू कर दिया जाएगा।
अस्पताल नहीं हो पाया अपग्रेड
यहां मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए मोहाली सिविल अस्पताल को 200 से 300 बेड वाले अस्पताल के रूप में अपग्रेड किया जाना था जोकि मेडिकल कॉलेज शुरू करने की पहली शर्त है। राज्य सरकार अभी तक सिविल अस्पताल को ही अपग्रेड नहीं कर पाई है। यहां शुरू होने वाले मेडिकल कॉलेज के लिए एमबीबीएस की 100 सीटों को मंजूरी दी गई थी।
अभी तक नहीं बनी कार्ययोजना
मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए सिविल अस्पताल की प्रबंधकीय व्यवस्थाओं में कुछ बदलाव किए जाने थे। इसमें सिविल सर्जन के कार्यालय को सेक्टर 76 में स्थित जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में शिफ्ट किया जाना था और पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन के कार्यालय को चंडीगढ़ सेक्टर-34 में शिफ्ट किया जाना था लेकिन इस पर भी अभी तक कोई कार्ययोजना नहीं बन पाई है।
फरवरी में जायजा लेगी टीम
हालात यह हैं कि मेडिकल कॉलेज के टीचर्स व अन्य सहायक स्टाफ के लिए कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद भी काम इससे आगे नहीं बढ़ पाया है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम फरवरी में यहां तैयारियों का जायजा लेने के लिए आ रही है, लेकिन राज्य सरकार अभी तक अपने हिस्से की ग्रांट को मंजूरी तक नहीं दे पा रही है।
मेडिकल कॉलेज का पहला बैच शुरू कर पाना संभव नहीं है, क्योंकि कॉलेज को लेकर अभी तक कुछ खास प्रगति नहीं हो पाई है। मेडिकल कॉलेज के खर्च को लेकर राज्य वित्त आयोग की मंजूरी अभी तक नहीं मिल सकी है। इसके चलते औपचारिकताओं को पूरा करने में काफी समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि अगले साल नए सत्र को शुरू किया जा सके। इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मोहाली में मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए प्रर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है।
- सुभाष चंद्रा, एडीशनल चीफ सेक्रेटरी, पंजाब हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च