इन जिलों में 600 वाहनों के लिए सब्सिडी दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने उबेर से समझौता भी किया है, जिसके तहत अमृतसर व पटियाला में 50-50, लुधियाना में 100 और रोपड़ में 400 कारों के लिए राज्य सरकार वित्तीय सहयोग देगी। इन जिलों में योजना को सफलता को देखने के बाद इसे राज्य के बाकी जिलों में लागू किया जाएगा।
आवेदक का चयन मेरिट आधार पर
रोजगार सृजन विभाग द्वारा वाहन खरीदने के लिए बेरोजगार आवेदकों का फैसला मैरिट आधार पर होगा, जिसमें आवेदक की शैक्षिक योग्यता और ड्राइविंग कौशल के लिए 70 अंक और साक्षात्कार के लिए 30 अंक निर्धारित किए गए हैं। विभाग संभावित लाभार्थियों से आवेदन आमंत्रित करेगा, जिसका चयन संबंधित जिला समिति द्वारा किया जाएगा।
इसमें डिप्टी कमिश्नर, जिला रोजगार सृजन और प्रशिक्षण अधिकारी, उबेर व पंजाब स्टेट सहकारी बैंक के प्रतिनिधि शामिल होंगे। आवेदक की उम्र 21 से 45 साल के बीच होनी चाहिए और उसके पास कमर्शियल चौपहिया या तिपहिया वाहन चलाने का वैध लाइसेंस होना चाहिए। आवेदक संबंधित जिले का निवासी हो।
इसके अलावा, उक्त जिलों में जितने वाहनों पर सब्सिडी और लोन देने का फैसला किया गया है, उनमें 30 फीसदी वाहन अनुसूचित जाति के आवेदकों के लिए आरक्षित होंगे। सहकारी बैंक से दिया जाने वाला वाहन लोन, संबंधित लाभार्थी को नियमित मासिक किश्त के तौर पर अदा करना होगा, अन्यथा बैंक रिकवरी नियमों के तहत दिए गए लोन व ब्याज की वसूली करेगा।
राज्य सरकार की इस योजना से उन बेरोजगारों को लाभ होगा, जो ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम करने के इच्छुक हैं। छह जिलों में इस योजना की सफलता के आधार पर ही इसे बाकी जिलों में भी लागू किया जाएगा। - चरणजीत सिंह चन्नी, रोजगार सृजन व तकनीकी प्रशिक्षण मंत्री