नई पॉलिसी के तहत ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की सेवाओं में 10 साल से कार्यरत मुलाजिमों को 58 साल की उम्र तक नौकरी करने का अवसर दिया जाएगा। पंजाब में स्थायी कर्मचारियों के लिए प्रभावी सर्विस रूल के अनुसार ही कच्चे कर्मचारी को शैक्षणिक योग्यता, पद व अनुभव समेत अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। सेवाकाल के दौरान उसका आचरण संतोषजनक होना चाहिए। सेवा अवधि की गणना करते समय प्रत्येक वर्ष में 240 दिन तक कार्य अवश्य किया होना चाहिए।
विशेष कैडर के तहत ये कर्मचारी होंगे नियमित
- नई पॉलिसी के तहत लाभार्थी कर्मचारी 58 वर्ष की आयु तक विशेष कैडर में नियुक्त रहेंगे।
- ऐसे कर्मचारियों को कैडर पोस्ट के पद पर नहीं रखा जाएगा।
- ये कर्मचारी नियमित कैडर का हिस्सा नहीं होंगे और नियमित कर्मचारियों के सामान अन्य सुविधाएं पाने के हकदार भी नहीं होंगे।
- मानद आधार पर या पार्ट टाइम आधार पर या आउटसोर्स आधार पर या इन्सेंटिव आधार रखे गए या अनुशासन व आचरण संबंधी आरोपों में घिरे कर्मचारी योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।
- विशेष कैडर में कच्चे कर्मचारी को 'नई नियुक्ति' के रूप में शामिल किया जाएगा।
- विशेष कैडर में वरिष्ठता, अनुभव आदि जैसे अन्य लाभ नहीं मिलेंगे।
- कर्मचारी को पंजाब सरकार के वित्त विभाग द्वारा निर्धारित वेतन और भत्ते दिए जाएंगे।
14,417 कच्चे मुलाजिम किए जा चुके हैं पक्के
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में इस साल 23 फरवरी को कैबिनेट की बैठक में 14,417 कच्चे मुलाजिमों की सेवाएं नियमित करने की मंजूरी दी गई थी। इसके बाद ऐसे कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित किया गया, जिन्होंने 10 साल से सेवा में कार्यरत थे। इससे पहले शिक्षा विभाग के 8700 कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने के आदेश जारी किया गया था। इन सभी मुलाजिमों को विशेष कैडर के तहत नियमित किया गया है। गौरतलब है कि पंजाब के सरकारी विभागों में करीब 35000 कच्चे मुलाजिम कार्यरत हैं, जिन्हें पक्का करने की घोषणा पिछले साल मार्च में की गई थी।