पंजाब में पराली जलाने के विरुद्ध उठाए जा रहे कदमों के तहत सरकार ने विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों, सहकारी सभाओं और स्व-स्वामित्व अदारों के मुलाजिमों को भी इसमें शामिल कर लिया है। साथ ही उनकी मिलकियत वाली और खुद खेती की जा रही जमीन पर धान की पराली जाने को लेकर कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर दी है।
सरकार ने खेती से जुड़े या अपनी जमीन पर पट्टे पर खेती करा रहे सभी कर्मचारियों को उनकी में पराली न जलाने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को कृषि और किसान कल्याण विभाग के सचिव काहन सिंह पन्नू ने बताया कि यदि कोई मुलाजिम इन हिदायतों की पालना नहीं करता तो उसके विरुद्ध सेवा नियमों के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुलाजिमों को यह भी हिदायत की गई है कि पराली जलाने के ख़तरनाक रुझान को रोकने के लिए वे बाकी लोगों को भी जागरूक करें क्योंकि यह अमल वातावरण और स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक साबित होता है। इसी तरह मुलाजिमों को यह भी पाबंद किया गया है कि यदि कहीं पराली जलाने का कोई मामला सामने आता है तो वह तुरंत संबंधित अथॉरिटी के नोटिस में लाएं।
पुलिस और पटवारियों को भी नजर रखने के आदेश
कृषि सचिव ने आगे बताया कि राज्य सरकार ने ज़िला पुलिस मुखियों और अन्य पुलिस अफसरों को भी हिदायत की है कि किसानों को पराली न जलाने के लिए ज़ोर देकर कहें। इसी तरह सभी राजस्व पटवारियों को भी यह आदेश दिए गए हैं कि जिस खेत में भी पराली जलाई जाती है, उस जमीन की गिरदावरी में ‘रेड एंट्री’ दर्ज की जाए।
उन्होंने कहा कि धान की पराली को आग लगाने वाले खेत संबंधित भी कर्मचारी अपनी अथॉरिटी को तुरंत सूचित करें। कृषि सचिव ने बताया कि डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई नंबरदार पराली जलाने की गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए संबंधित अथॉरिटी द्वारा नोटिस जारी किया जाये।
उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिशनर और ज़िला पुलिस प्रमुख संबंधित पक्षों के साथ साझी मीटिंग करके पराली को आग लगाने पर पाबंदी के आदेशों को सख्ती के साथ अमल में लाएंगे। इसी तरह पंजाब में कृषि उत्पादन मार्केट कमेटियों के साथ रजिस्टर्ड आढ़तियों को भी अपने खेतों में धान की पराली को आग न लगाने के आदेश दिए गए हैं।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा भी इस ग़ैर-सेहतमंद अमल के विरुद्ध चुने हुए पंचायती नुमायंदों को प्रेरित किया जायेगा।
पंजाब सरकार ने हर आईएएस को सौंपी जिलेवार जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देश पर, मुख्य सचिव करण अवतार सिंह ने 22 सीनियर आईएएस अधिकारियों को उनके मौजूदा कार्यभार के साथ-साथ जिलों में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम की निगरानी का जिम्मा सौंपा है। यह फैसला मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान प्रदेश में पर्यावरण को साफ और स्वच्छ बनाए रखने के लिए लिया गया है। यह जानकारी कृषि सचिव काहन सिंह पन्नू ने दी।
अफसर जिला जहां की सौंपी गई जिम्मेदारी)
विनी महाजन, एसीएस (उद्योग एवं कामर्स)--------------लुधियाना
विश्वजीत खन्ना, एसीएस (डेवलपमेंट)-------------------संगरूर
रवनीत कौर, एसीएस (पावर)-------------------------शहीद भगत सिंह नगर
संजय कुमार, एसीएस (खेल एवं युवा मामले)---------------मानसा
वीके जंजुआ,प्रिंसिपल सेक्रेटरी (श्रम)-------------------------फिरोजपुर
कृपाशंकर सरोज, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक)--- बरनाला
अनिरुद्ध तिवार, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (वित्त)-----------------एसएएस नगर
अनुराग अग्रवाल, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर)---अमृतसर
आर. वेंकटरत्नम, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (जेल)---------------------गुरदासपुर
ए. वेणु प्रसाद, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (लोकल गवर्नमेंट)--------------पठानकोट
सीमा जैन, वित्त कमिश्नर (ग्रामीण विकास एवं पंचायतें)-----------रोपड़
सरवजीत सिंह, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (जल स्रोत)------------------तरन तारन
राजी पी. श्रीवास्तव, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास)--फतेहगढ़ साहिब
केएपी सिन्हा, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (खाद्य, सिविल सप्लाई एवं उपभोक्ता मामले)---फरीदकोट
जसपाल सिंह, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (प्लानिंग)---------------------होशियारपुर
अनुराग वर्मा, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (तकनीकी शिक्षा )-------------श्री मुक्तसर साहिब
राकेश कुमार वर्मा, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (पर्यावरण)--------------बठिंडा
के. शिवा प्रसाद, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (ट्रांसपोर्ट)-----------------फाजिल्का
विकास प्रताप, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले)---कपूरथला
आलोक शेखर, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (सामान्य प्रशासन)-------------जालंधर
डीके तिवारी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी टू सीएम--------------------------मोगा