पंजाब का वित्त विभाग अगर थोड़ी-सी भी दरियादिली दिखाता तो सूबे की आंगनबाड़ियों में बैठना सीख रहे नन्हें बच्चों को भोजन में ताजे फल और देसी घी का हलवा भी मिलता। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बनाए गए नए डाइट चार्ट संबंधी प्रस्ताव को वित्त विभाग ने सरकार का हाथ तंग होने का हवाला देते हुए खारिज कर दिया है।
वित्त विभाग के इस रवैये को देखते हुए, आंगनबाड़ी वर्करों और अन्य कर्मचारियों को समय पर वेतन और वेतन वृद्धि के मामले भी लटक जाने की आशंका बढ़ गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सूबे की 26656 आंगनबाड़ियों में बच्चों को पौष्टिक खाना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नया डाइट प्लान तैयार किया था।
अब तक निर्धारित डाइट प्लान के तहत मीठा दलिया, खीर, पंजीरी, हलवा आदि बच्चों व महिलाओं को उपलब्ध कराया जाता है। वर्ष 2016-17 में इसके लिए 16 हजार लाख रुपये का बजट में प्रावधान किया गया था, लेकिन 11755.82 लाख रुपये ही खर्च हुए।
यह सारा खर्च सप्लीमेंटरी न्यूट्रिशियन प्रोग्राम (एसएनपी) के तहत केंद्र और राज्य द्वारा 50:50 के अनुपात में किया जाता है, हालांकि केंद्र सरकार का दावा है कि 2009-10 से इस अनुपात को 90:10 कर दिया गया है।